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बॉलीवुड का वो एक्टर, जो कभी पाई-पाई को था मोहताज; एक फिल्म ने रातों-रात पलट दी किस्मत और बना दिया सुपरस्टार
बॉलीवुड सिनेमा में जब भी संघर्ष और कामयाबी की सबसे बड़ी मिसाल दी जाती है, तो अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी का नाम सबसे ऊपर आता है. आज, 19 मई 2026 को नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं. एक समय ऐसा था जब नवाज दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर काम की तलाश में भटक रहे थे, तंगहाली के दिनों में उन्होंने चौकीदार तक की नौकरी की, लेकिन उनके भीतर के कलाकार ने कभी हार नहीं मानी. आइए, उनके जन्मदिन के इस बेहद खास मौके पर जानते हैं कि कैसे एक छोटे से गांव का लड़का अपनी मेहनत के दम पर बॉलीवुड सुपरस्टार बन गया.
केमिस्ट से लेकर वॉचमैन तक का सफर
अभिनय की दुनिया में आने से पहले नवाज ने अपनी आजीविका चलाने के लिए काफी कड़ा संघर्ष किया. गुजरात में केमिस्ट की नौकरी करने के बाद जब वे दिल्ली में थिएटर कर रहे थे, तब पैसों की भारी किल्लत के कारण उन्होंने करीब डेढ़ साल तक एक खिलौना फैक्ट्री में वॉचमैन (चौकीदार) के रूप में भी ड्यूटी की थी.
एक-एक मिनट के रोल से की शुरुआत
मुंबई आने के बाद नवाज को लंबे समय तक सिर्फ भीड़ का हिस्सा या बेहद छोटे रोल मिले. उन्होंने आमिर खान की 'सरफरोश' (1999) में एक चोर, 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' में एक पॉकेटमार और 'ब्लैक फ्राइडे' जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार निभाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन उन्हें असली पहचान के लिए 12 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा.
'फैजल खान' बनकर छा गए
साल 2012 उनके करियर का सबसे स्वर्णिम साल साबित हुआ. फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर-2' में 'फैजल खान' के मुख्य किरदार में उनके अभिनय ने सिनेमाघरों में आग लगा दी. "बाप का, भाई का, सबका बदला लेगा रे तेरा फैजल..." जैसे डायलॉग्स आज भी कल्ट माने जाते हैं और इसी फिल्म ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया.
हर किरदार में फूंक देते हैं जान
नवाज की खासियत यह है कि वे कमर्शियल और कंटेंट-ड्रिवन दोनों ही तरह के सिनेमा में फिट बैठते हैं. जहां 'बजरंगी भाईजान' में चांद नवाब के रोल में उन्होंने लोगों को हंसाया, वहीं 'द लंचबॉक्स', 'रमन राघव 2.0', 'मंटो' और 'रात अकेली है' जैसी फिल्मों में अपनी गंभीर और संजीदा एक्टिंग से दुनिया भर के समीक्षकों को हैरान कर दिया.
ग्लोबल लेवल पर मिली पहचान
आज नवाजुद्दीन सिद्दीकी सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक सम्मानित नाम हैं. उनकी कई फिल्में 'कान्स फिल्म फेस्टिवल' (Cannes) में स्टैंडिंग ओवेशन पा चुकी हैं. एमी अवॉर्ड्स (Emmy Awards) में नॉमिनेशन पाने वाले वे भारत के चंद बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं.