E24 EXCLUSIVE: ‘मामला लीगल 2’ के एक्टर और ‘चमकीला’ और ’83’ जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले एक्टर अंजुम बत्रा ने E24 Bollywood के साथ एक एक्सक्लूसिव बातचीत में अपने करियर के एक कड़वे सच से पर्दा उठाया है. अंजुम ने बताया कि कैसे ‘सावधान इंडिया’ के सेट पर एक डायरेक्टर ने उनके साथ गाली-गलौज की थी. इस घटना ने न केवल उन्हें झकझोर दिया, बल्कि उन्होंने उसे उसी की भाषा में जवाब देकर यह साफ कर दिया कि टैलेंट का मतलब अपमान सहना नहीं है. इस बेबाक इंटरव्यू में उन्होंने सेट पर होने वाली बदसलूकी और अपने कड़े स्टैंड के बारे में विस्तार से बात की.
सेट पर डायरेक्टर की बदतमीजी और अंजुम का पलटवार
अंजुम बत्रा ने E24 के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि करियर के शुरुआती दौर में ‘सावधान इंडिया’ की शूटिंग के दौरान एक डायरेक्टर ने उनके साथ गाली-गलौज और बदतमीजी की थी. अंजुम ने इसे चुपचाप सहने के बजाय तुरंत उसे ‘उन्हीं की भाषा’ में जवाब दिया. अंजुम ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकते, और जब बात हद से बाहर हो गई, तो उन्होंने मोर्चा संभाल लिया.
“जबान नहीं तो लात-घूंसे सही”- अंजुम का कड़ा रुख
अंजुम ने इंटरव्यू के दौरान अपने बेबाक अंदाज में कहा, “अगर वो डायरेक्टर मेरी बात नहीं समझता, तो मैं उसे दूसरे तरीके से भी समझा देता. मैं जिस जगह (बैकग्राउंड) से आता हूं, वहां पहले जबान से बात होती है और अगर समझ न आए, तो फिर लात-घूंसे भी चलते हैं.” अंजुम ने साफ कर दिया कि वे सेट पर सिर्फ काम करने आते हैं, किसी की गालियां सुनने नहीं.

टोन बदलते ही ठिकाने आ गई डायरेक्टर की अक्ल
अंजुम ने उस घटना को याद करते हुए बताया कि जैसे ही उन्होंने अपनी टोन (बोलने का लहजा) बदली और आक्रामक रुख अपनाया, डायरेक्टर को अपनी गलती का अहसास हो गया. अंजुम के सख्त तेवर देखते ही डायरेक्टर तुरंत समझ गया कि यह एक्टर दबने वाला नहीं है. इस घटना के बाद डायरेक्टर का व्यवहार पूरी तरह बदल गया. अंजुम के मुताबिक, कई बार आपको अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए कठोर होना पड़ता है.
गाली देने वाले निर्देशकों के साथ काम न करने की कसम
इस घटना ने अंजुम के सोचने का तरीका बदल दिया. उन्होंने E24 को बताया, “उस दिन के बाद से मैंने यह ठान लिया कि जो भी डायरेक्टर सेट पर गाली-गलौज करेगा या बदतमीजी से पेश आएगा, मैं उसके साथ कभी काम नहीं करूंगा.” अंजुम का मानना है कि काम का माहौल सम्मानजनक होना चाहिए और क्रिएटिविटी तभी निकलती है जब कलाकार सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे.
सौभाग्य से मिला बेहतरीन डायरेक्टर्स का साथ
हालांकि एक-दो कड़वे अनुभवों को छोड़ दें, तो अंजुम ने बताया कि उनका सफर आगे काफी अच्छा रहा. उन्होंने कहा कि वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें आगे ऐसे डायरेक्टर्स मिले जो कलाकारों से बेहद मोहब्बत और इज्जत करते हैं. आज वे इम्तियाज अली जैसे बड़े निर्देशकों की पसंद बन चुके हैं, जो सेट पर अपने शांत और गरिमापूर्ण व्यवहार के लिए जाने जाते हैं. अंजुम का यह खुलासा नए एक्टर्स के लिए एक बड़ी सीख है.