Imran Khan: बॉलीवुड एक्टर आमिर खान के भांजे और एक्टर इमरान खान (Imran Khan) इन दिनों कानूनी पचड़े में बुरी तरह फंस चुके हैं. क्या इमरान को भारत छोड़ना पड़ेगा या वह यहीं रहेंगे? इस बड़े सवाल का फैसला आज यानी 27 अक्टूबर को होने वाला है, क्योंकि बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में उनकी याचिका पर एक बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में सॉलिसिटर जनरल से लेकर तमाम लीगल एक्सपर्ट्स की नजरें टिकी हुई हैं.
FRRO का देश छोड़ने का नोटिस और हाईकोर्ट की सुनवाई
फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) ने 44 साल के इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का सख्त नोटिस दिया है. इसी आदेश के खिलाफ इमरान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर आज मंगलवार को दोपहर में अहम सुनवाई होनी है.
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रोटेस्ट में शामिल होने का आरोप
इमरान खान पर आरोप है कि वह 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में CJP के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे. याचिका में उन पर राष्ट्रविरोधी ताकतों से जुड़े संगठनों के प्रोटेस्ट का हिस्सा बनने का आरोप लगाया गया है.
पुलिस वैन में सेल्फी और वकीलों की दखल
सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों का हवाला देते हुए एक हस्तक्षेप याचिका में सवाल उठाया गया है कि पुलिस हिरासत के दौरान लोग सेल्फी और विक्ट्री साइन कैसे दिखा सकते हैं. चूंकि इमरान अमेरिकी नागरिक हैं, इसलिए उन पर कानूनी नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है.
इमरान खान की सफाई – ‘सिर्फ उत्सुकता के चलते पहुंचे थे’
अपनी याचिका में OCI (ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया) कार्डधारक इमरान ने सफाई दी है कि उनका उस ऑर्गनाइजेशन से कोई लेना-देना नहीं है. वह केवल यह देखने गए थे कि स्टूडेंट्स क्या कर रहे हैं, लेकिन मीडिया से बात करते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उनके साथ बदसलूकी की गई.
कानूनी दांव-पेच और आज का दिन अहम
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और इमरान के वकील वेंकटेश धोंड-परवेज मेमन ने अदालत से वक्त मांगा था. अब मंगलवार को होने वाली सुनवाई तय करेगी कि इमरान खान को भारत में रहने की अनुमति मिलती है या उन्हें देश छोड़ना होगा.