Daayra: नेशनल अवॉर्ड विनर निर्देशक मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) अपनी बहुचर्चित फिल्म ‘दायरा’ (Daayra) के साथ एक बार फिर दर्शकों को हिला देने वाली कहानी पेश करने जा रही हैं. फिल्म का ऑफिशियल ट्रेलर 31 अगस्त को रिलीज होगा, जबकि फिल्म 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में आएगी. ट्रेलर रिलीज से ठीक पहले मेघना ने एक भावुक नोट साझा कर फिल्म के विचार, ग्रे शेड्स और अपनी दमदार स्टारकास्ट पर खुलकर बात की है. उन्होंने करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन स्टारर इस फिल्म की कहानी और इसके मेकिंग से जुड़ी कई अपडेट शेयर की हैं…
31 अगस्त को आएगा ट्रेलर
फिल्म ‘दायरा’ को लेकर मेकर्स ने एक बड़ा अपडेट साझा किया है. इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का ट्रेलर 31 अगस्त को जारी किया जाएगा, जबकि यह 18 सितंबर 2026 को बड़े पर्दे पर दस्तक देगी. फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है और इसे जंगली पिक्चर्स (Junglee Pictures) व पेन स्टूडियोज (Pen Studios) के बैनर तले तैयार किया गया है.
‘ब्लैक और व्हाइट नहीं, ग्रे दुनिया’
मेघना गुलजार ने अपने नोट में लिखा कि ‘तलवार’, ‘राजी’, ‘छपाक’ और ‘साम बहादुर’ की तरह ‘दायरा’ भी केवल सही या गलत (ब्लैक एंड व्हाइट) की बात नहीं करती. यह फिल्म समाज और इंसान के भीतर मौजूद ‘ग्रे’ (गहरे और उलझे) एरिया को खंगालती है और उसके अंदर उतरकर सवाल खड़े करती है. फिल्म का मुख्य आधार ही इंसानी फैसलों का दोहरापन है.
पुलिस अफसर के रोल में स्टार्स
फिल्म में करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ‘DCP अजूनी कोहली’ और साउथ सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन (Prithviraj Sukumaran) ‘DCP रमन कुमार’ के किरदार में नजर आएंगे. दोनों ही कलाकार कानून के रखवाले बने हैं, लेकिन वे खुद को सही और गलत की नाजुक लकीर के बीच खड़ा पाते हैं. दोनों के फैसले और तरीके एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं.
करीना और पृथ्वीराज हैं Yin-Yang
मेघना ने दोनों एक्टर्स को कहानी का ‘Yin और Yang’ यानी एक-दूसरे के विपरीत लेकिन पूरक बताया है. जहां करीना का किरदार शांत, गहरा और मुस्कुराकर परिस्थितियों को संभालने वाला है, वहीं पृथ्वीराज का किरदार गुस्सैल, गंभीर और कभी न मुस्कुराने वाला है. हिंदी और मलयालम सिनेमा के इन दो दिग्गजों को एक साथ लाना मेघना के लिए बहुत खास अनुभव रहा.
कई सच्ची घटनाओं से प्रेरित
मेघना गुलजार ने स्पष्ट किया कि ‘दायरा’ किसी एक शहर या राज्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे देश में घटित हुई कई अलग-अलग सच्ची घटनाओं से प्रेरित है. यह एक ऐसी प्रासंगिक कहानी है जो समाज के किसी भी कोने में हो सकती है. फिल्म का निर्माण यश केसवानी, सीमा अग्रवाल और मेघना गुलजार ने मिलकर लिखा है.