Krishna Avatar Shri Ramdev Pir Poster: नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba) पर बेस्ड फिल्म ‘हनुमान अंश’ (Hanuman Ansh) की जबरदस्त सक्सेस के बाद अब सिनेमाघरों में एक और ‘दिव्य कहानी’ उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है. जैसे नीम करोली बाबा को भगवान हनुमान का अवतार माना जाता है, ठीक वैसे ही राजस्थान के संत और लोक देवता ‘श्री रामदेव पीर’ (Shri Ramdev Pir) पर नई फिल्म अनाउंस हो चुकी है. बता दें कि बाबा रामदेव पीर को भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है. इस सिनेमैटिक प्रोजेक्ट ‘कृष्णा अवतार श्री रामदेव पीर’ (Krishna Avatar Shri Ramdev Pir) का पहला पोस्टर भी आउट हो गया है.
‘हनुमान अंश’ के बाद नई अनाउंसमेंट
नीब करौरी बाबा (नीम करोली बाबा) पर बनी सुपरहिट फिल्म ‘हनुमान अंश’ को दर्शकों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब मेकर्स राजस्थान के महान लोक देवता श्री रामदेव पीर की जिंदगी और उनके चमत्कारों पर बेस्ड फिल्म बड़े पर्दे पर लाने जा रहे हैं.
‘बाबा रामदेव पीर’ का पोस्टर आउट
फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श (Taran Adarsh) ने सोशल मीडिया पर इस मेगा प्रोजेक्ट की जानकारी शेयर की है. फिल्म ‘त्रिशा स्टूडियोज’ के बैनर तले तिलोक कोठारी (Tilok Kothari) द्वारा बनाई जा रही है. मेकर्स ने फिल्म का पहला पोस्टर (First Look Poster) ड्रॉप कर दिया है, जिसमें एक्टर का चेहरा तो रिवील नहीं किया गया है, लेकिन उनका लुक बिल्कुल भगवान कृष्ण जैसा नजर आ रहा है.
‘2027 में बड़े पर्दे पर एंट्री’
फिल्म का ऑफिशियल टाइटल ‘कृष्णा अवतार श्री रामदेव पीर’ (Krishna Avatar Shri Ramdev Pir) तय किया गया है. हालांकि, अभी फिल्म के डायरेक्टर और लीड स्टारकास्ट की डिटेल्स सीक्रेट रखी गई हैं. लेकिन मेकर्स ने कन्फर्म किया है कि यह फिल्म साल 2027 तक बड़े पर्दे पर रिलीज होगी.
भगवान कृष्ण के अवतार ‘संत रामदेव’
राजस्थान के लोक देवता बाबा रामदेव पीर ने अपना पूरा जीवन सामाजिक समानता (Social Equality), सांप्रदायिक सौहार्द और गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था. मान्यता है कि वे भगवान कृष्ण के ही अवतार थे, जिन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने में अहम योगदान दिया.
हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक ‘रामशाह पीर’
श्री रामदेव पीर की सबसे खास बात यह है कि उन्हें सिर्फ हिंदू ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय के लोग भी पूरी श्रद्धा से पूजते हैं. हिंदू जहां उन्हें ‘बाबा रामदेव पीर’ मानते हैं, वहीं मुस्लिम समाज उन्हें ‘रामशाह पीर’ के नाम से पूजता है. हर साल राजस्थान में उनके नाम पर विशाल मेला लगता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं.