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दिमाग से खेलती हैं ये 8 साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्में-सीरीज, हर मोड़ पर मिलेगा ऐसा ट्विस्ट कि उड़ जाएंगे होश
Psychological Horror Movies: हॉरर फिल्मों का नाम आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में भूत-प्रेत और डरावने चेहरे घूमने लगते हैं, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं जो किसी भूत से नहीं, बल्कि इंसानी दिमाग के अंधेरे कोनों से डर पैदा करती हैं. साइकोलॉजिकल हॉरर की यही खासियत है कि इसका खौफ फिल्म खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक पीछा नहीं छोड़ता. अगर आप भी ट्विस्ट, सस्पेंस और दिमाग घुमा देने वाली कहानियों के शौकीन हैं, तो ये 8 फिल्में और सीरीज आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए.
'शैतान'
इस लिस्ट में सबसे पहले बात करते हैं अजय देवगन और आर. माधवन स्टारर 'शैतान' की. फिल्म एक खुशहाल परिवार की कहानी दिखाती है, जिसकी जिंदगी एक रहस्यमयी शख्स के आने से पूरी तरह बदल जाती है. बेटी पर उसका नियंत्रण और परिवार की बेबसी दर्शकों को परेशान कर देती है.
'भूतकालम'
मलयालम फिल्म 'भूतकालम' भी साइकोलॉजिकल हॉरर की बेहतरीन मिसाल है. एक मौत के बाद डिप्रेशन से जूझ रही मां और बेटे के आसपास होने वाली अजीब घटनाएं दर्शकों को अंत तक सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर सच क्या है.
'तुम्बाड'
भारतीय सिनेमा की कल्ट हॉरर फिल्म 'तुम्बाड' इंसानी लालच की कहानी को बेहद डरावने अंदाज में पेश करती है. शानदार विजुअल्स और दमदार कहानी इसे अलग बनाते हैं.
'बिहाइंड हर आइज'
अगर वेब सीरीज पसंद है तो 'बिहाइंड हर आइज' जरूर देखें. यह एक साधारण लव ट्रायंगल से शुरू होकर ऐसे रहस्यों तक पहुंचती है, जिनका क्लाइमैक्स चौंका देता है.
'मिजरी'
स्टीफन किंग के उपन्यास पर बनी क्लासिक फिल्म 'मिजरी' एक जुनूनी फैन की खतरनाक मानसिकता को दिखाती है. यह फिल्म बिना किसी भूत के भी दर्शकों को डराने में सफल रहती है.
'सेंट मॉड'
वहीं 'सेंट मॉड' एक धार्मिक नर्स की कहानी है, जो अपनी मरीज की आत्मा को बचाने के जुनून में मानसिक रूप से टूटने लगती है. फिल्म का अंत लंबे समय तक याद रहता है.
'द बाबाडूक'
ऑस्ट्रेलियाई फिल्म 'द बाबाडूक' सिर्फ हॉरर नहीं, बल्कि दुख, अकेलेपन और डिप्रेशन की भी कहानी है. इसी वजह से इसे आधुनिक दौर की सबसे बेहतरीन साइकोलॉजिकल हॉरर फिल्मों में गिना जाता है.
'टॉक टू मी'
इसके अलावा 'टॉक टू मी' यूथ के एक खतरनाक खेल की कहानी है, जो धीरे-धीरे डरावना रूप ले लेता है. फिल्म का सस्पेंस और डर दर्शकों को आखिर तक बांधे रखता है. बहरहाल, अगर आप ऐसी कहानियां देखना चाहते हैं, जहां सबसे बड़ा खलनायक इंसान का अपना दिमाग हो, तो ये फिल्में और सीरीज आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हैं.