जब एक ही हफ्ते में थिएटर और ओटीटी दोनों जगह कंटेंट की भरमार हो, तब किसी एक फिल्म का अलग नजर आना आसान नहीं होता, लेकिन बंदर उन्हीं फिल्मों में से है जो शुरुआत से अंत तक आपको अपनी दुनिया में बांधे रखती है. कंटेंट की भीड़ के बीच ‘बंदर’ उन चुनिंदा फिल्मों में है जिसे इस हफ्ते मिस नहीं किया जाना चाहिए.
फिल्म बार-बार सोचने पर रती है मजबूर
यह फिल्म आरोपी, पीड़ित, रेप केस, समाज और कानून जैसे कई मुश्किल सवालों को सामने रखती है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म बार-बार आपको सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर असली पीड़ित कौन है. फिल्म खत्म होने के बाद भी इसके सवाल लंबे समय तक आपके साथ रहते हैं.
बॉबी देओल का दिखी दमदार परफॉर्मेंस
सबसे पहले बात बॉबी देओल की, उन्होंने अपने करियर की सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक दी है. उनका किरदार, उनकी आंखें, उनकी चुप्पी और उनका गुस्सा हर सीन में उनकी मेहनत दिखती है. यह वही बॉबी देओल हैं जिन्हें दर्शकों ने पहले भी देखा है, लेकिन इस बार वह बिल्कुल अलग स्तर पर नजर आते हैं.
दर्शकों को सोचने पर किया मजबूर
अनुराग कश्यप अपनी पूरी फॉर्म में हैं. फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी राइटिंग है. सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने ऐसा स्क्रीनप्ले लिखा है जो कहीं भटकता नहीं है. कोई फालतू गाना नहीं, कोई गैरजरूरी सीन नहीं. कहानी लगातार आगे बढ़ती रहती है और दर्शक लगातार सोचता रहता है कि आखिर सच क्या है.
फिल्म का बड़ा सरप्राइज
सपना पब्बी फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं. उन्होंने कई सीन में बिना डॉयलोग्स के शानदार एक्टिंग की है. सान्या मल्होत्रा और सबा आजाद भी अपने किरदारों में प्रभाव छोड़ती हैं.
E24 Verdict
E24 Verdict: मजबूत राइटिंग, शानदार एक्टिंग और समाज को आईना दिखाती कहानी के लिए बंदर इस हफ्ते की सबसे जरूरी फिल्मों में से एक है.