अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले एक अभिनेता इन दिनों अपने धार्मिक और आध्यात्मिक विचारों को लेकर खूब चर्चा में हैं. एक चर्चित पॉडकास्ट शो में उन्होंने ‘भगवद गीता’ (Bhagavad Gita), कर्म, आत्मा और जीवन के मूल उद्देश्य पर खुलकर अपने विचार साझा किए हैं. उन्होंने बताया कि वे गीता पढ़ते हैं और इस पवित्र ग्रंथ ने जीवन को देखने का उनका नजरिया पूरी तरह से बदल दिया है.
पॉडकास्ट में शेयर किए आध्यात्मिक विचार
अभिनेता आदिल हुसैन (Adil Hussain) हाल ही में पारस छाबड़ा के लोकप्रिय पॉडकास्ट ‘अबरा का डबरा शो’ में नजर आए. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे भगवद गीता का अध्ययन करते हैं. उनके लिए यह सिर्फ एक धार्मिक पुस्तक नहीं, बल्कि इंसान को खुद को समझने और सही राह पर चलने का सबसे बड़ा जरिया है.
कर्म और मानसिकता पर दिया जोर
गीता के ज्ञान पर बात करते हुए आदिल ने कहा कि इंसान को अपने हर काम के पीछे की नीयत और भावना को समझना बेहद जरूरी है. सिर्फ कोई काम कर लेना ही काफी नहीं होता, बल्कि यह मायने रखता है कि आप उस काम को किस सोच और मंशा के साथ कर रहे हैं.
भारतीय ज्ञान की परंपरा पर बयान
हिंदू धर्मग्रंथ पढ़ने पर उन्होंने साफ कहा कि भारत देश का नागरिक होने के नाते यहां के महान ज्ञान के भंडार को न जानना बेमानी होगा. उन्होंने कहा कि वे खुद को बहुत खुशनसीब मानते हैं कि उन्हें भारत की इस पावन भूमि और इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बनने का अवसर मिला है.
दादाजी की सीख और सूफी विचार
आदिल ने अपने पारिवारिक माहौल का जिक्र करते हुए बताया कि उनके दादाजी ने उन्हें सूफी विचारों के बारे में सिखाया था. उनके दादाजी ने कभी धर्मों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया और उन्हें अपने जीवन का रास्ता खुद चुनने की पूरी आजादी दी, जिससे उनकी सोच हमेशा खुली और उदार रही.
भगवान कृष्ण और शिव में आस्था
भगवान कृष्ण, राम और शिव के बारे में बात करते हुए आदिल ने कहा कि गीता में कृष्ण को पढ़ने के बाद वे उनके भक्त बन गए हैं. उन्होंने कहा कि सच्चे धार्मिक दृष्टिकोण में कोई फर्क नहीं होता और छोटी सोच वाले लोग ही आपस में भेदभाव करते हैं. बुराई और विलेन हर दौर में रहे हैं, चाहे वह कंस हो या रावण.