Tuesday, 18 August, 2026

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Batwara 1947 Box Office Collection Day 5: ‘आवारापन 2’ के आगे पस्त हुई सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’, जानें 5वें कितना कमाया?

Batwara 1947 Box Office Collection Day 5: सनी देओल और प्रीति जिंटा स्टारर फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को सिनेमाघरों में रिलीज हुए पांच दिन हो चुके हैं. पहले दिन के बाद लगातार फिल्म की कमाई गिरती जा रही है.

Batwara 1947 Box Office Collection Day 5: सनी देओल और प्रीति जिंटा स्टारर फिल्म ‘बंटवारा 1947’ की रिलीज से पहले काफी चर्चा था लेकिन सिनेमाघरों में दर्शकों ने नाकार दिया. ओपनिंग डे के बाद लगातार फिल्म कमाई गिरती जा रही है. वहीं इसके साथ रिलीज हुई इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ अच्छा कलेक्शन कर रही है. आइए जानते हैं कि मंगलवार को यानी रिलीज के पांचवें दिन ‘बंटवारा 1947’ ने कितनी कमाई की.

पांचवें दिन ‘बंटवारा 1947’ ने कितना कमाया?

Sacnilk के मुताबिक पांचवें फिल्म ‘बंटवारा 1947’ ने अबतक ₹1.13 करोड़ की नेट कमाई की है. इससे भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹35.28 करोड़ और कुल नेट कलेक्शन ₹29.63 करोड़ हो गया है, जबकि भारत में फाइनल कलेक्शन की जानकारी अभी आनी बाकी है. बॉक्स ऑफिस पर लगातार इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 से भारी टक्कर मिल रही है.

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फिल्म में शामिल कलाकार

इससे पहले चौथे दिन फिल्म ने 2 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. बात करें फिल्म की तो ‘बंटवारा 1947’ एक भावुक ड्रामा फिल्म है, जो भारत के बंटवारे के दर्द और उससे जुड़े इंसानी जज्बातों को करीब से दिखाती है. राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा और कारन देओल और शबाना आजमी, अभिमन्यु सिंह और अली फजल लीड रोल में हैं.

batwara 1947

‘बंटवारा 1947’ की कहानी

कहानी की बात करें तो बंटवारा 1947 भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय की एक मार्मिक कहानी है, जहां सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) का परिवार भारत से लाहौर पलायन करता है. पाकिस्तान के लाहौर पहुंचे मिर्जा परिवार को एक हवेली मिलती है, जहां दुर्गावती (शबाना आजमी) नाम की एक बुजुर्ग हिंदू महिला पहले से रह रही होती है. मुस्लिम होने की वजह से मिर्जा परिवार चाहता है कि हवेली में रहने वाली बुजुर्ग महिला अपना घर छोड़कर जाए, लेकिन वो बुढ़िया हवेली छोड़ने से मना कर देती है. धीरे-धीरे मिर्जा परिवार उस बूढ़ी औरत को अपना लेती है. लेकिन कुछ मुस्लिम कट्टरपंथी उस महिला को हवेली से निकालने की कोशिश करते हैं, तो सिकंदर मिर्जा उस बुजुर्ग महिला की रक्षा के लिए सभी से भिड़ जाता हैं. ये पूरी फिल्म असगर वजाहत के प्रसिद्ध नाटक ‘जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्या ए नई’ पर आधारित है.

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First published on: Aug 18, 2026 08:31 PM

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