Bollywood Actress Shocking Reveals: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की दिग्गज एक्ट्रेस मंदाकिनी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के एक सीन से रातोंरात स्टार बनीं मंदाकिनी ने हाल ही में बॉलीवुड के एक काले सच से पर्दा उठाया है. मंदाकिनी ने बताया कि उन्होंने 16 से 17 ऐसी फिल्मों में काम किया है, जिनके लिए उन्हें आज तक फीस नहीं मिली है. इसके साथ ही उन्होंने फिल्म सेट पर इनफॉर्मल एटमॉस्फेयर को लेकर भी खुलासा किया है. चलिए जानते हैं कि आखिर उन्होंने क्या कुछ कहा है.
खुशनुमा और घर जैसा था माहौल…
एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में मंदाकिनी ने अपने करियर की शुरुआत को याद करते हुए बताया कि उन्हें अपने को-वर्कर्स के साथ काम करने में बहुत मजा आता था. उन्होंने बताया कि उनके फिल्म सेट पर माहौल काफी घरेलू हुआ करता था. मंदाकिनी ने कहा, ‘मुझे फिल्में करने में बहुत मजा आया. सभी आर्टिस्ट बहुत अच्छे थे. सभी बहुत कॉपरेटिव थे. सेट का माहौल भी बहुत खुशनुमा और घर जैसा था.’
माहौल बहुत अनौपचारिक हुआ करता था…
इस दौरान मंदाकिनी ने पुराने हिंदी सिनेमा की तुलना नए बॉलीवुड से करते हुए कहा कि पहले एक्टर्स और फिल्म इंडस्ट्री के बाकी सदस्यों के बीच बातचीत अभी के मुकाबले काफी ज्यादा अनौपचारिक थी. मंदाकिनी ने कहा, ‘माहौल बहुत अच्छा हुआ करता था. सब लोग साथ में खाना खाते थे और किसी एक्टर से मिलने से पहले किसी से पूछने जैसी कोई बात नहीं थी. सब लोग साथ बैठते थे और कोई भी किसी के भी कमरे में जा सकता था. यह बहुत अच्छा लगता था और घर जैसा महसूस होता था.’
कभी-कभी फीस मिलती थी, कभी नहीं…
मंदाकिनी ने बताया कि उस समय फिल्में साइन करने और पेमेंट करने का तरीका भी काफी अनौपचारिक था. मंदाकिनी ने कहा, ‘फिल्मों में उनके कॉन्ट्रैक्ट बहुत अनौपचारिक होते थे. लोग कहते थे, चलो फिल्म साइन कर लो और उसके बाद कभी-कभी फीस मिलती थी, कभी-कभी नहीं मिलती थी. ऐसा भी होता था.’ इस पर जब मंदाकिनी से पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी बिना फीस के काम किया है, तो उन्होंने कहा, ‘वो लोग आपसे 15 दिन का काम करने के लिए रिक्वेस्ट करते थे और मैं कहती थी, ठीक है, कोई बात नहीं.’
16 से 17 फिल्मों की नहीं मिली फीस…
इस दौरान मंदाकिनी ने खुलासा किया कि उन्हें अपने ज्यादातर काम की फीस आखिर में मिल जाती थी, लेकिन कई ऐसी फिल्में भी थीं, जिनके लिए उन्हें कभी कोई पैसा नहीं मिला. उन्होंने कहा, ‘मुझे आखिर में अपने काम के पैसे मिल जाते थे, लेकिन 16 से 17 ऐसी फिल्में थीं, जिनके लिए मुझे कभी कोई पैसा नहीं मिला. तीनों फिल्मों के बीच एक तरह का गैप था. एक फिल्म तो रिलीज हो गई, लेकिन आखिरी दो फिल्में रिलीज नहीं हुईं. कुछ फिल्मों के लिए पैसा नहीं मिला. ऐसे कई मामले थे.’