मनोरंजन जगत से एक बार फिर दिल तोड़ देने वाली खबर सामने आई है, जहां 70 के दशक की दिग्गज अभिनेत्री ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. बंगाली सिनेमा का बड़ा नाम मानी जाने वाली अभिनेत्री मिथु मुखर्जी ने 71 की उम्र में 21 सितंबर को अंतिम सांस ली. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह लंबे समय से कैंसर से जंग लड़ रहीं थी. वहीं करीब एक साल से उनकी तबीयत लगातार खराब बनी हुई थी. बताया जा रहा है कि उन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली.
फिल्मी दुनिया से बनाई दूरी
बता दें, मिथु मुखर्जी ने 70 से 80 के दशक में बंगाली और हिंदी सिनेमा में अपनी दमदार पहचान बनाई थी. आपको जानकर हैरानी होगी कि एक्ट्रेस को अपने दौर में टॉलीवुड की रेखा कहा जाता था. मिथु मुखर्जी ने अपने करियर में कई यादगार फिल्मों में काम किया, जिससे उन्होंने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई, लेकिन बाद में उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली थी. वह अपनी पर्सनल लाइफ में काफी बिजी रहती थीं और लंबे समय से पब्लिक प्लेस में भी नजर नहीं आईं थीं.
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
उनके निधन की खबर से बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से लेकर हिंदी सिनेमा तक शोक की लहर है. एक्ट्रेस ने साल 1972 में चित्त बोस की फिल्म ‘शेष पर्व’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, हालांकि शुरुआती दौर में उन्हें वो कामयाबी नहीं मिली थी, जिसका सपना लेकर वो इस इंडस्ट्री में दाखिल हुई थीं, लेकिन उन्हें अच्छे मौके मिलते रहे और जल्द ही वह बंगाली फिल्मों का जाना-माना चेहरा बन गईं. उन्होंने अपने करियर में उस दौर के कई बड़े कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर की थी. जिनमें उत्तम कुमार से लेकर सौमित्र चटर्जी जैसे दिग्गज अभिनेताओं के नाम शामिल हैं. उनकी दमदार अदाकारी और धांसू स्क्रीन प्रेजेंस की वजह से वह उस दौर की चर्चित अभिनेत्रियों लिस्ट में शामिल थी.
इस फिल्म से मिली बड़ी पहचान
उन्हें बड़ी पहचान दिनेन गुप्ता की फिल्म ‘मरजीना अब्दुल्ला’ से मिली थी. जिसमें उन्होंने मरजीना का लीड रोल निभाया था और उनके अभिनय ने दर्शकों को दीवाना बना दिया था. इसके बाद मिथु मुखर्जी ने लगातार कई बंगाली फिल्मों में काम किया. जिसने उनकी कभी न मिटने वाली पहचान बना दी. उन्होंने ‘निशि कन्या’ , ‘मौचाक’ और ‘स्वयंसिद्धा’ जैसी फिल्मों में काम किया था.
हिंदी सिनेमा में किया काम
सिर्फ बंगाली फिल्मों तक ही मिथु ने खुद को बांध कर नहीं रखा था. उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी कामकर दर्शकों का दिल जीता था. उन्होंने दुलाल गुहा की फिल्म ‘खान दोस्त’ में काम किया था. इसके अलावा बासु चटर्जी की ‘सफेद झूठ’ में भी वह नजर आई थीं.
एक्ट्रेस को भावभीनी श्रद्धांजलि
बहरहाल, मिथु मुखर्जी के निधन की खबर ने बंगाली सिनेमा से लेकर हिंदी सिनेमा के दर्शकों तक को सदमा दिया है. उनके दुनिया छोड़कर जाने की खबर के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. उनकी फिल्मों और अभिनय को भारतीय सिनेमा की यादगार विरासत का हिस्सा बताते हुए शोक व्यक्त किया गया. वहीं अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी ने भी एक्ट्रेस के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि मिथु मुखर्जी के निधन की खबर बेहद दुखद है और उनकी यादें व उनका काम हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेगा.