Bigg Boss 20: रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ (Bigg Boss 20) में एंट्री के साथ ही सबकी अटेंशन ग्रैब करने वाले यंग डीएसए (Young DSA) की बातचीत का स्टाइल लोगों को एमसी स्टैन (MC Stan) की याद दिलाता है. लेकिन हाल ही में जब बिग बॉस की एक्स-विनर गौहर खान (Gauahar Khan) ने उन पर घर के अंदर ‘फेक पर्सनैलिटी’ दिखाने का बड़ा आरोप लगाया, तो बवाल मच गया. यंग डीएसए के फ्लुएंट हिंदी-इंग्लिश बोलने वाले वायरल वीडियो के बाद खड़े हुए इस विवाद पर अब उनके भाई प्रणय (Pranay) ढाल बनकर सामने आए हैं.
एमसी स्टैन जैसा एक्सेंट और विवाद
‘बिग बॉस 20’ के घर में यंग डीएसए की एंट्री ने फैंस को रैपर एमसी स्टैन की याद दिला दी थी. शो की शुरुआत से ही वह ज्यादातर वक्त एक खास स्ट्रीट-स्टाइल एक्सेंट में बातचीत करते दिखे हैं. दर्शकों को उनका यह बिंदास अंदाज काफी पसंद आ रहा है, लेकिन इसी लहजे को लेकर अब उन पर फेक होने के आरोप लगने शुरू हो गए हैं.
गौहर खान ने उठाए गंभीर सवाल
एक लेटेस्ट एपिसोड में यंग डीएसए अचानक से काफी फ्लूएंट हिंदी और अंग्रेजी बोलते नजर आए. इसे देखकर बिग बॉस की एक्स-कंटेस्टेंट गौहर खान ने सोशल मीडिया पर सवाल उठा दिया कि क्या यंग सच में अपनी असली पर्सनैलिटी दिखा रहे हैं या जानबूझकर साफ हिंदी-इंग्लिश न बोलकर किसी की नकल कर रहे हैं ताकि ऑडियंस का फेवर पा सकें.
भाई प्रणय का इंस्टाग्राम पर पलटवार
गौहर खान के इन आरोपों पर यंग डीएसए के भाई प्रणय ने एक इंस्टाग्राम वीडियो जारी कर मुंहतोड़ जवाब दिया है. प्रणय ने समझाया कि यंग का बातचीत करने का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस प्लेटफॉर्म पर हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिचुएशन के हिसाब से प्रोफेशनल होने का मतलब नकली या ‘फेक’ होना बिल्कुल नहीं होता.
पढ़ा-लिखा है यंग डीएसए
अपने भाई का पक्ष लेते हुए प्रणय ने कहा कि यंग बेहद पढ़ा-लिखा और समझदार है, जिसे बखूबी पता है कि किस जगह और किस माहौल में कैसे बात करनी चाहिए. इंटरव्यू, पैनल डिस्कशन और कॉर्पोरेट या प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म्स पर वह बिल्कुल फॉर्मल तरीके से बात करता है, जबकि बिग बॉस हाउस के अंदर वह अपने रियल और बेबाक अंदाज में खुलकर रह रहा है.
दोनों भाषाओं में जबरदस्त कमांड
प्रणय ने अपने वीडियो में पूरी तरह से यह क्लियर कर दिया कि यंग डीएसए की हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं पर बेहतरीन पकड़ है. अलग-अलग हालातों में भाषा और लहजे को अडैप्ट करना उसकी काबिलियत है न कि कोई दिखावा, इसलिए उसे ‘फेक’ कहना पूरी तरह से गलत है.