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1 घंटे 52 मिनट की तगड़ी मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्म, सस्पेंस से भरा है कहानी का क्लाइमेक्स
अगर आपको लगता है कि सस्पेंस और क्लाइमेक्स के मामले में 'दृश्यम' से बेहतर कोई फिल्म नहीं हो सकती, तो शायद आपसे एक बहुत बड़ा मास्टरपीस मिस हो गया है. ओटीटी की दुनिया में एक ऐसी शानदार मर्डर-मिस्ट्री फिल्म मौजूद है, जो बिना किसी शोर-शराबे के आई और दर्शकों के दिमाग की नसें हिला कर रख दी. एक जवान लड़की का कत्ल और फिर मुख्य आरोपी की ही अचानक मौत. इस उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने की जिम्मेदारी एक ऐसे ऑफिसर पर है जो खुद अंधेरे के खौफ से जूझ रहा है. आखिर कौन है असली कातिल?
एक पेचीदा मर्डर और मुख्य आरोपी की मौत
फिल्म की कहानी की शुरुआत एक युवा लड़की की बेरहमी से हुई हत्या से होती है, जो अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी. पुलिस शुरुआती जांच में बॉयफ्रेंड को ही मुख्य आरोपी मानती है, लेकिन कहानी में असली और बड़ा मोड़ तब आता है जब उस बॉयफ्रेंड की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है. यहीं से पूरी कहानी पलट जाती है और असली कातिल को ढूंढने का खेल शुरू होता है.
निक्टोफोबिया से पीड़ित फॉरेंसिक ऑफिसर की जांच
इस फिल्म का मुख्य हीरो कोई आम पुलिसवाला नहीं है, बल्कि एक बेहद तेज दिमाग फॉरेंसिक ऑफिसर है. इस किरदार की सबसे बड़ी चुनौती इसकी अपनी पर्सनल लाइफ है. वह 'निक्टोफोबिया' नाम की एक मानसिक बीमारी से पीड़ित है, जिसकी वजह से उसे अंधेरे से बेहद डर लगता है और नींद न आने की गंभीर समस्या है. अपनी इस कमजोरी से लड़ते हुए वह अपनी टीम के साथ मिलकर सबूत जुटाता है.
केवल 1 घंटे 52 मिनट का तगड़ा थ्रिल
इस फिल्म की लंबाई केवल 1 घंटे 52 मिनट यानी 112 मिनट की है. फिल्म की रफ्तार इतनी सटीक है कि इसमें एक पल के लिए भी बोरियत महसूस नहीं होती है. फॉरेंसिक ऑफिसर जिस तरह से कत्ल की जगह से छोटे-छोटे वैज्ञानिक सबूतों और सुरागों को इकट्ठा करके उन्हें आपस में जोड़ता है, वह दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों से बांधकर रखता है.
इंसानी व्यवहार का दिखाती है काला चेहरा
यह फिल्म केवल कातिल को पकड़ने की एक आम पुलिसिया कहानी नहीं है. 'V1 मर्डर केस' बहुत ही बारीकी से इंसानी व्यवहार, समाज के दोहरे चरित्र और लोगों के असली चेहरों के पीछे छिपे काले राजों को पर्दे पर बेबाकी से दिखाती है. हर एक संदेहास्पद किरदार को देखकर दर्शक खुद अंत तक कातिल का अंदाजा लगाने पर मजबूर हो जाते हैं.
'दृश्यम' को टक्कर देने वाला क्लाइमेक्स और रेटिंग
इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी (खासियत) इसका आखिरी हिस्सा और क्लाइमेक्स है, जो बेहद लॉजिकल और चौंकाने वाला है. इसकी दमदार कहानी की बदौलत इसे IMDb पर 6.7 की शानदार रेटिंग मिली है. यह फिल्म तेलुगु भाषा में अमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है, जबकि हिंदी दर्शकों के लिए इसका हिंदी डब वर्जन यूट्यूब पर बिल्कुल फ्री में देखने के लिए मौजूद है.