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‘गोविंदा के जैसा पति नहीं चाहिए’, सुनीता आहूजा ने फिर पति पर दिया बड़ा बयान, जानें क्यों बोलीं ऐसा?
गोविंदा की वाइफ सुनीता आहूजा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, और इस बार वजह है, उनका पति गोविंदा पर दिया बयान, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर माना कि वो एक अच्छे पति नहीं हैं, हालांकि उन्होंने ये भी बोला कि एक अच्छे बेटे जरूर हैं, आइए जानते हैं, सुनीता ने ये सब क्यों बोला, और इसके पीछे क्या कहानी है?
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार वजह है, सुनीता आहूजा का ताजा बयान, जिसमें उन्होंने साफ कहा, 'मुझे गोविंदा जैसा पति नहीं चाहिए, लेकिन उनके जैसा बेटा जरूर चाहिए.' हाल ही में एक इंटरव्यू में सुनीता ने अपने दिल की बात खुलकर रखी. उन्होंने बताया, कि गोविंदा एक बेहतरीन इंसान हैं. एक अच्छे बेटे, भाई और पिता भी, लेकिन पति के रूप में वो उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए.
सुनीता के मुताबिक, गोविंदा ने पूरी जिंदगी परिवार के लिए समर्पित कर दी, लेकिन खुद के लिए कभी जी ही नहीं पाए. सुनीता ने कहा, कि उन्हें जिंदगी में थोड़ा घूमना-फिरना, पार्टी करना और बाहर डिनर पर जाना पसंद है, लेकिन गोविंदा का फोकस हमेशा परिवार और काम तक ही सीमित रहा.
उन्होंने कहा, 'वो आज 60 साल के हो गए, लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी का मजा ही नहीं लिया, उन्होंने कहा, 'इस बात का उन्हें अफसोस भी है. हालांकि, अपने बयान में उन्होंने रिश्ते की मजबूती भी साफ दिखाई. उन्होंने कहा, 'अब 40 साल साथ बिताने के बाद छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता. ऐसा सोचना भी गुनाह है.'
उनके इस बयान से साफ है कि तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों का रिश्ता अब भी कायम है. दिलचस्प बात ये है, कि सुनीता पहले भी कई बार गोविंदा को लेकर बेबाक बयान दे चुकी हैं. उनके रिश्ते को लेकर कभी तलाक की अफवाहें उड़ीं, तो कभी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की चर्चाएं भी सामने आईं.
सुनीता ने इन मुद्दों पर भी खुलकर बात की है, और यहां तक कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह का ठोस सबूत मिला, तो वो माफ नहीं करेंगी. गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी 11 मार्च 1987 को हुई थी. दोनों ने कुछ समय तक अपनी शादी को छुपाकर भी रखा था.
आज उनके दो बच्चे हैं, और शादी के इतने साल बाद भी उनका रिश्ता चर्चा में बना रहता है. सुनीता का ये बयान एक बार फिर साबित करता है, कि बॉलीवुड में रिश्ते जितने ग्लैमरस दिखते हैं, उतने ही जटिल भी होते हैं.