Raghav Chadha Instagram Followers Controversy: राजनीति और ग्लैमर का रिश्ता हमेशा से सुर्खियों में रहता है, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है. मशहूर एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा के पति राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर इन दिनों ‘फॉलोअर्स की जंग’ चल रही है. जैसे ही उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया और अपनी सफाई में एक वीडियो जारी किया, सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें बड़े पैमाने पर अनफॉलो करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते 24 लाख (2.4 मिलियन) लोगों ने उनका साथ छोड़ दिया. अब इसी बीच उन पर आरोप लग रहे हैं कि वे अपनी गिरती लोकप्रियता को छिपाने के लिए ‘फेक बॉट्स’ या नकली फॉलोअर्स का सहारा ले रहे हैं.
बीजेपी में एंट्री और फॉलोअर्स का गिरना
राघव चड्ढा जब से बीजेपी में शामिल हुए हैं, तब से सोशल मीडिया पर उनके प्रति लोगों की नाराजगी साफ देखी जा रही है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर यह समझाने की कोशिश की कि उन्होंने पार्टी क्यों बदली, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ. लोग उन्हें ट्रोल करने लगे और देखते ही देखते उनके फॉलोअर्स की संख्या 14.6 मिलियन से गिरकर सीधे 12.2 मिलियन पर आ गई. महज कुछ ही दिनों में 2.4 मिलियन लोगों ने उन्हें अनफॉलो कर दिया.
ध्रुव राठी के वीडियो ने मचाई खलबली
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने एक वीडियो शेयर किया. ध्रुव ने दावा किया कि राघव चड्ढा अपने गिरते हुए फॉलोअर्स की संख्या को ढकने के लिए नकली फॉलोअर्स खरीद रहे हैं. उन्होंने अपने वीडियो में कुछ ऐसे तकनीकी सबूत पेश किए, जिनसे यह इशारा मिलता है कि राघव के अकाउंट में अचानक से संदिग्ध प्रोफाइल जुड़ने लगे हैं.
क्या होते हैं ये ‘फेक बॉट्स’?
सोशल मीडिया की दुनिया में जब कोई अपनी संख्या बढ़ाने के लिए पैसे देकर कंप्यूटर जनरेटेड अकाउंट्स जुड़वाता है, तो उन्हें ‘बॉट्स’ कहा जाता है. ध्रुव राठी के अनुसार, राघव चड्ढा की फॉलोअर्स लिस्ट में अब ऐसे हजारों अकाउंट दिख रहे हैं जिनका असली इंसान से कोई लेना-देना नहीं लगता. ये अकाउंट सिर्फ गिनती बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं ताकि जनता को लगे कि उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है.
सबूत के तौर पर दिखाई गईं संदिग्ध प्रोफाइल
ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में दिखाया कि राघव को फॉलो करने वाले नए अकाउंट्स में से ज्यादातर की प्रोफाइल पिक्चर गायब है. इन अकाउंट्स पर एक भी पोस्ट नहीं है और इनके फॉलोअर्स भी ‘जीरो’ हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये अकाउंट इसी महीने यानी अप्रैल 2026 में ही बनाए गए हैं. जिस समय लोग राघव को अनफॉलो कर रहे थे, ठीक उसी समय इन नए और खाली अकाउंट्स का उनसे जुड़ना दाल में कुछ काला होने की ओर इशारा करता है.
सोशल मीडिया पर साख का संकट
इस विवाद ने राघव चड्ढा की डिजिटल साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं. राजनीति में लोकप्रियता का अंदाजा आजकल सोशल मीडिया के आंकड़ों से लगाया जाता है. ऐसे में 2.4 मिलियन लोगों का एक झटके में चले जाना और फिर ‘फेक फॉलोअर्स’ के आरोपों में फंसना उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है. अब देखना यह होगा कि क्या राघव या उनकी टीम इन आरोपों पर कोई सफाई पेश करती है.