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‘पेद्दी’ में जाह्नवी कपूर को ऑब्जेक्टिफाई करने पर भड़कीं कंगना रनौत, जमकर सुनाई खरी-खोटी
Kangana Ranaut Reacts On Peddi Controversy: फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों एक्ट्रेसेस को फिल्मों में किस तरह दिखाया जाता है, इस पर जोरदार बहस छिड़ी हुई है. खासकर राम चरण और जाह्नवी कपूर की फिल्म 'पेद्दी' को लेकर विवाद के बाद यह मुद्दा और गर्म हो गया है. फिल्म में जाह्नवी कपूर के कुछ सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है. इसी बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत ने भी इस पर अपनी राय रखी है.
कंगना का रिएक्शन
कंगना रनौत इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के प्रमोशन में व्यस्त हैं. एक इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि फिल्मों में महिला किरदारों को ऑब्जेक्टिफाई होने से कैसे रोका जा सकता है. इस सवाल पर कंगना ने साफ कहा कि महिलाओं को खुद अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए.
कंगना ने कही ये बात
कंगना ने कहा कि उनके अनुभव में फिल्म निर्माता जानबूझकर किसी अभिनेत्री को केवल एक वस्तु की तरह पेश करने की सोच नहीं रखते. हालांकि कई बार पुरुषों के नजरिए से लिखी गई स्क्रिप्ट में कुछ ऐसे सीन्स शामिल हो जाते हैं, जो महिलाओं को असहज महसूस करा सकते हैं.
फिल्म में औरतों को लेकर रखा पक्ष
उन्होंने कहा, 'एक औरत होने के नाते आपको अपना पक्ष रखना चाहिए. अगर कोई सीन या उस सीन की शुरुआत आपको सही नहीं लगती, तो खुलकर कहना चाहिए. ज्यादातर मामलों में लोग आपकी बात समझते हैं और बदलाव करने के लिए तैयार भी हो जाते हैं.'
कंगना का फिल्म मेकिंग पर सवाल
कंगना का मानना है कि फिल्म मेकिंग एक कलेक्टिव प्रोसेस है. जहां कलाकार और डायरेक्टर मिलकर काम करते हैं. ऐसे में अगर किसी कलाकार को किसी सीन पर आपत्ति हो, तो उस पर बातचीत होनी चाहिए और समाधान निकाला जाना चाहिए.
डायरेक्टर ने कही थी ये बात
वहीं, पेद्दी को लेकर बढ़ते विवाद के बीच फिल्म के डायरेक्टर बुची बाबू सना पहले ही सफाई दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी महिला का अपमान करना नहीं था. विवाद बढ़ने के बाद निर्देशक ने दर्शकों से माफी भी मांगी और विश्वास दिलाया कि जाह्नवी कपूर से जुड़े कुछ विवादित सीन्स में बदलाव किया जाएगा.
जाह्नवी के रिएक्शन पर फैंस की नजरें
हालांकि इस पूरे विवाद पर अभी तक जाह्नवी कपूर की ओर से कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है. ऐसे में फैंस और इंडस्ट्री की नजरें अब उनके रिएक्शन पर टिकी हैं. वहीं कंगना रनौत के बयान ने इस बहस को एक नई दिशा जरूर दे दी है कि फिल्मों में महिलाओं को लेकर उनकी आवाज कितनी जरूरी होती है.