Rise & Fall Season 2 Winner: एमएक्स प्लेयर के मोस्ट पॉपुलर रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ का ग्रैंड फिनाले पूरा हो गया है और इस सीजन को अपना विनर मिल गया है. 6 हफ्तों के जबरदस्त कॉम्पिटिशन के बाद शहजाद पूनावाला शो के विनर बने हैं. शहजाद ने प्रियंका चाहर चौधरी को हराकर ‘राइज एंड फॉल 2’ की ट्रॉफी अपने नाम की है. वहीं, प्रियंका चाहर चौधरी शो की फर्स्ट रनर-अप रहीं. ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ से रियलिटी शो में डेब्यू करने वाले शहजाद ने पहले ही शो में अपनी कामयाबी का परचम लहरा दिया है.
ग्रैंड फिनाले में क्या हुआ?
‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ का ग्रैंड फिनाले 6 फाइनलिस्ट के डांस परफॉर्मेंस से शुरू हुआ. इसके बाद होस्ट वीरेंद्र सहवाग टॉप 6 फाइनलिस्ट के लिए खास ‘गिफ्ट’ लेकर आए, जिसकी मदद से शो के टॉप 5 कंटेस्टेंट सिलेक्ट हुए. इसमें स्वरा भास्कर, शहजाद, गौतम गुलाटी और करण पटेल के वोट देने के बाद निहारिका तिवारी पांचवें स्थान पर रहीं. इसके बाद टावर की लाइटें करण पटेल और स्वरा भास्कर के लिए लाल हो गईं, जिससे वोटों की कमी के कारण वे ट्रॉफी की रेस से बाहर हो गए.
Look at the face of priyanka brother who was taking stand for her when shez abused but she voted him only 🤡🤡🤡 Jealusy with gautam is more than self respect 🤣🤣 Clown family 🤡 #RiseAndFallS2 https://t.co/o7uKeSHyqB
— 𝙆𝙖𝙖𝙢𝙘𝙝𝙤𝙧 (@lazyhunn) November 6, 2026
आखिरी फैसला…
इसके बाद प्रियंका चाहर चौधरी, गौतम गुलाटी और शहजाद पूनावाला फाइनल शोडाउन में पहुंचे. फिर बाकी कंटेस्टेंट्स ने शो का विनर चुना, जिसके अनुसार शहजाद पूनावाला MX ओरिजिनल ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ के अल्टीमेट रूलर और विनर बने. वहीं, प्रियंका फर्स्ट रनर-अप रहीं और गौतम सेकंड रनर-अप बने. शहजाद पूनावाला को चमकती ट्रॉफी के साथ 35 लाख रुपये की प्राइज मनी भी मिली. उन्होंने अपनी प्राइज मनी को बिहार और असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए डोनेट करने का वादा किया है.
पक्का इरादा और हिम्मत…
अपनी जीत का जश्न मनाते हुए शहजाद ने कहा, ‘राइज एंड फॉल सीजन 2 जीतना एक ऐसी फीलिंग है जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता. यह सफर आसान नहीं था. टावर की ऊंचाइयों से लेकर बेसमेंट की अनस्टेबल हालत तक, मुझे लगातार खुद को ढालना पड़ा और आगे बढ़ना पड़ा, तब भी जब चीजें मेरे हिसाब से नहीं चल रही थीं. मुझे हमेशा यकीन था कि मैं यह कर सकता हूं. यहां ट्रॉफी के साथ खड़े होकर, वह यकीन सच हो गया है. यह जीत इस बात का सबूत है कि पक्का इरादा और हिम्मत क्या कर सकती है.’