इंटरनेशनल म्यूजिक इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. दुनिया भर में अपनी शानदार आवाज, जबरदस्त पियानो वादन और बेहतरीन गानों से छह दशकों तक राज करने वाले एक लीजेंड्री सिंगर और म्यूजिशियन का निधन हो गया है. संगीत की दुनिया में रॉक एंड रोल और पारंपरिक धुनों का एक अनोखा फ्यूजन लाने वाले इस 87 वर्षीय कलाकार ने एक लंबी बीमारी के बाद दम तोड़ दिया. उनके जाने से संगीत के एक सुनहरे युग का अंत हो गया है.
लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन
इटैलियन संगीत जगत के सबसे शानदार सितारों में से एक पेपिनो डी कैपरी (Peppino Di Capri) का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. इतालवी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे पिछले काफी समय से एक गंभीर और लंबी बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अपने पसंदीदा और प्यारे कैपरी द्वीप पर अंतिम सांस ली. पेपिनो सिर्फ एक बेहतरीन गायक ही नहीं, बल्कि एक कमाल के पियानो वादक और गीतकार भी थे जिन्होंने अपने हुनर से एक पूरे दौर को परिभाषित किया था.
पेपिनो ने बदला था संगीत का अंदाज
पेपिनो डी कैपरी का जन्म साल 1939 में हुआ था और उनका असली नाम जोसेफ फेइला (Giuseppe Faiella) था. साल 1950 के दशक के आखिरी सालों में उन्होंने इटली के पारंपरिक संगीत जगत में कदम रखा था. उन्होंने नेपल्स की पारंपरिक मधुर धुनों के साथ मॉडर्न रॉक एंड रोल और ट्विस्ट म्यूजिक का एक ऐसा लाजवाब मिश्रण तैयार किया, जिसने उन्हें देखते ही देखते पूरे देश का नेशनल ट्रेजर यानी राष्ट्रीय धरोहर बना दिया था.
शैंपेन और रोबर्टा जैसे एवरग्रीन गानों से मिली ग्लोबल पहचान
अपने छह दशक से भी लंबे शानदार म्यूजिकल करियर के दौरान पेपिनो इटली की आर्थिक प्रगति और आधुनिकता की आवाज बन गए थे. उनके द्वारा गाए गए सदाबहार गानों जैसे ‘शैंपेन’ (Champagne), ‘रोबर्टा’ (Roberta), ‘नुन ए पेकाटो’ (Nun e peccato) और ‘सेंट ट्रोपेज़ ट्विस्ट’ (St. Tropez Twist) ने उन्हें हर घर में लोकप्रिय बना दिया था. इन गानों की बदौलत वे एक कल्ट और कल्चरल आइकॉन बनकर उभरे, जिनकी धुनें आज भी लोगों की जुबान पर रहती हैं.
साल 1965 में ‘द बीटल्स बैंड’ के लिए किया था ओपनिंग कंसर्ट
पेपिनो डी कैपरी एक बेहद परिष्कृत और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लाइव परफॉर्मर थे. उनके करियर की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धियों में से एक साल 1965 का वो दौर था जब दुनिया के सबसे मशहूर रॉक बैंड ‘द बीटल्स’ (The Beatles) ने इटली का अपना इकलौता टूर किया था. उस ऐतिहासिक कंसर्ट के दौरान पेपिनो डी कैपरी ने ओपनिंग परफॉर्मर के तौर पर स्टेज संभाला था, जिसकी पूरी दुनिया में खूब चर्चा हुई थी.
मशहूर सैनरेमो संगीत समारोह के दो बार विनर रहे पेपिनो
अपनी जादुई आवाज के दम पर पेपिनो ने इटली के प्रतिष्ठित सैनरेमो म्यूजिक फेस्टिवल (Sanremo Music Festival) की ट्रॉफी को दो बार अपने नाम किया था. वे अलग-अलग पीढ़ियों के बीच एक मजबूत पुल की तरह थे, जिन्होंने 21वीं सदी में भी नए कलाकारों के साथ कई शानदार कोलैबोरेशन किए. वे अपने पीछे एक बहुत ही समृद्ध और गहरा संगीत इतिहास छोड़ गए हैं. उनके निधन पर दुनिया भर के संगीत प्रेमियों की आंखें नम हैं.