Sara Ali Khan Fatwa Controversy: बॉलीवुड की चुलबुली एक्ट्रेस सारा अली खान (Sara Ali Khan) एक बार फिर अपने धर्म और आस्था को लेकर बड़े विवाद में घिर चुकी हैं. केदारनाथ धाम के दर्शन करने और वहां पूजा-अर्चना करने के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है. मौलाना का कहना है कि इस्लाम और शरीयत के मुताबिक किसी मुस्लिम का मंदिर जाना और पूजा करना ‘हराम और नाजायज’ है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कोहराम मच गया है.
मौलाना शहाबुद्दीन ने जारी किया फतवा
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि इस्लाम और शरीयत के अनुसार किसी भी मुस्लिम का मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करना बिल्कुल नाजायज और हराम है. इसी आधार पर उन्होंने सारा के खिलाफ फतवा जारी किया है.
सारा अली खान को दी गई तौबा करने की नसीहत
मौलाना ने मुस्लिम नौजवानों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जो भी मुसलमान दूसरे धर्मों के धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा-पाठ करता है, उसे शरीयत के दायरे में गलती मानकर तौबा करनी चाहिए. उन्होंने अभिनेत्री को भी इस गलती के लिए माफी मांगने को कहा है.
केदारनाथ यात्रा और माथे पर तिलक वाली तस्वीरें
सारा अली खान अक्सर उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के दर्शन करने पहुंचती हैं. उनकी पूजा-अर्चना करते हुए और माथे पर तिलक लगाए हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं, जिसके बाद कट्टरपंथी संगठनों और यूजर्स में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी.
पहले भी मंदिर जाने पर घिर चुकी हैं सारा
यह पहली बार नहीं है जब सारा के मंदिर जाने पर विवाद खड़ा हुआ हो. वह इससे पहले उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी जाती रही हैं, जहां उनके फैंस उनकी आस्था की सराहना करते हैं, वहीं कट्टरपंथी इसे नियमों का उल्लंघन मानते हैं.
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
इस फतवे के सामने आने के बाद इंटरनेट पर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है. एक तरफ जहां तमाम यूजर्स और फैंस इसे सारा का व्यक्तिगत अधिकार और स्वतंत्रता बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक संगठनों की आपत्तियों ने मामले को तूल दे दिया है.