Exclusive: फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग के बीच मेकर्स ने बड़ा फैसला लिया है. E-24 Bollywood के साथ खास बातचीत में फिल्म के प्रोड्यूसर प्रकाश महोबिया ने खुलासा किया कि उनकी फिल्म को टारगेट करके फेक और नेगेटिव पीआर कराया गया है. उन्होंने बताया कि बिना फिल्म देखे अफवाहें फैलाने वाले ट्रोल्स और यूट्यूबर्स को लीगल नोटिस भेजा जाएगा. साथ ही, मेकर्स इस फिल्म को जल्द ही सिनेमाघरों में दोबारा री-रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं.
री-रिलीज होगी ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’
E-24 बॉलीवुड के साथ खास बातचीत में फिल्म के प्रोड्यूसर प्रकाश महोबिया ने अपनी पहली फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जिस तरह का माहौल बनाया गया, वो असलियत से बिल्कुल अलग है. ऑडियंस को सिनेमाघरों तक पहुंचने ही नहीं दिया गया. इसी वजह से मेकर्स ने फैसला किया है कि वे इस फिल्म को एक बार फिर से पूरी तैयारी के साथ सिनेमाघरों में री-रिलीज करेंगे, ताकि असली दर्शक थिएटर जाकर फिल्म का लुत्फ उठा सकें.
‘पेड प्रमोशन के जरिए कराया गया नेगेटिव प्रचार’
इंटरव्यू के दौरान प्रोड्यूसर ने आरोप लगाया कि फिल्म के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति के तहत नेगेटिव मार्केटिंग कराई गई. उन्होंने कहा कि जितना बजट उन्होंने फिल्म के प्रमोशन में खर्च नहीं किया, उससे कहीं ज्यादा पैसा फिल्म को ट्रोल कराने और नेगेटिव माहौल बनाने में लगाया गया. प्रकाश महोबिया के मुताबिक, उनकी फिल्म से मिलती-जुलती दूसरी बड़ी रामायण फिल्मों के पीआर और टीमों द्वारा यूट्यूब और सोशल मीडिया पर यह माहौल बनवाया गया, ताकि लोग उनकी फिल्म देखने न जाएं.
ट्रोल्स और यूट्यूबर्स को भेजा जाएगा लीगल नोटिस
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फेक सीन्स और मीम्स पर मेकर्स ने कड़ा रुख अपनाया है. E-24 बॉलीवुड से बात करते हुए प्रोड्यूसर ने साफ किया कि जिन लोगों ने बिना फिल्म देखे अनेसेसरी नेगेटिव कंटेंट और रील बनाई हैं, उन सभी यूट्यूबर्स, इन्फ्लुएंसर्स और फेसबुक पेजों की लिस्ट तैयार कर ली गई है. मेकर्स इन सभी ट्रोल्स को लीगल नोटिस भेजने की तैयारी में हैं, क्योंकि बिना काम देखे किसी की सालों की मेहनत और भावना को खराब करना सरासर गलत है.
अंजलि अरोड़ा की कास्टिंग पर क्या बोले प्रोड्यूसर?
फिल्म में अंजलि अरोड़ा को माता सीता के रोल में कास्ट करने पर भी काफी विवाद हुआ था. इस पर बात करते हुए प्रकाश महोबिया ने कहा कि उन्होंने अंजलि को सिर्फ एक कलाकार के तौर पर देखा था. जैसे रामानंद सागर की रामायण में एक शांत और शालीन चेहरा दिखता था, वैसा ही एक रूप क्रिएट करने की कोशिश की गई थी. उन्होंने कहा कि किसी भी एक्टर की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ अलग होती है और अंजलि ने बतौर एक्ट्रेस अपना काम पूरी शिद्दत और ईमानदारी से निभाया है.
‘रामायण का मजाक न बनाएं, एक बार थिएटर में जरूर देखें
बातचीत के अंत में प्रोड्यूसर ने दर्शकों और ट्रोल करने वालों से भावुक अपील की. उन्होंने कहा कि रामायण हमारी आस्था का प्रतीक है और इसे बनाने के पीछे उनका उद्देश्य भगवान राम का नाम और भक्ति भाव ही था. उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि रामायण का मजाक न उड़ाया जाए. अगर फिल्म में कोई कमी रह गई है तो वे उसे स्वीकार करते हैं, लेकिन दर्शकों को कम से कम एक बार सिनेमाघर जाकर पूरी फिल्म देखनी चाहिए और उसके बाद ही अपनी सही प्रतिक्रिया देनी चाहिए.