टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी इन दिनों अपनी मदरहुड जर्नी को लेकर चर्चा में हैं. पति विवेक दहिया के साथ जुड़वां बेटों का स्वागत करने के बाद दिव्यांका लगातार अपने एक्सपीरियंस फैंस के साथ शेयर कर रही हैं. अब उन्होंने ब्रेस्टफीडिंग यानी स्तनपान से जुड़ी ऐसी बात कही है, जिसने कई महिलाओं की परेशानियों को सामने ला दिया है.
दिव्यांका ने शेयर की मदरहुड जर्नी
दिव्यांका ने अपने हालिया YouTube व्लॉग में बताया कि मां बनने के करीब 2 महीने बाद भी वह स्तनपान की प्रॉसेस को समझने की कोशिश कर रही हैं. एक्ट्रेस का कहना है कि लोग अक्सर मां के दूध से बच्चे को होने वाले फायदों के बारे में बात करते हैं, लेकिन इस दौरान मां को किन शारीरिक और मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है, इस पर ज्यादा चर्चा नहीं होती.
‘बच्चे का फायदा होता है, लेकिन मां का क्या?’
दिव्यांका ने ब्रेस्टफीडिंग को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस बारे में खुलकर बात क्यों नहीं की जाती. उन्होंने अपने एक्सपीरियंस को शेयर करते हुए कहा, ‘बच्चे को मां के दूध से फायदा होता है, लेकिन मां का क्या?’
‘ब्रेस्टफीडिंग उतनी आसान नहीं’
एक्ट्रेस ने बताया कि ब्रेस्टफीडिंग हमेशा उतनी आसान नहीं होती, जितनी बाहर से दिखाई देती है. बच्चे को सही तरीके से लैच कराने में परेशानी, दूध भरने से होने वाला दर्द और निप्पल में दर्द जैसी दिक्कतें नई मां के लिए काफी मुश्किल हो सकती हैं. इसके साथ ही पर्याप्त दूध को लेकर चिंता भी महिलाओं के मन में बनी रहती है.
मेहमानों के सामने छिपाना पड़ता है दर्द
दिव्यांका ने मदरहुड की एक और ऐसी परेशानी बताई, जिससे कई महिलाएं खुद को जोड़ सकती हैं. उन्होंने कहा कि घर में मेहमान आने पर महिलाएं अक्सर दर्द और थकान के बावजूद मुस्कुराते हुए उनकी मेजबानी करती रहती हैं.
‘मां बनने के बाद कई तकलीफों से होता है सामना’
एक्ट्रेस ने बताया कि अगर मेहमान दो-तीन घंटे से ज्यादा रुक जाएं तो उनके लिए स्थिति मुश्किल हो जाती है. ऐसे में वह सोचती हैं कि आखिर किसी से कैसे कहें कि वह दर्द में हैं. दिव्यांका के मुताबिक, मां बनने के बाद महिलाओं को अपनी तकलीफों के बारे में भी खुलकर बात करने की जरूरत है.
सोशल मीडिया पर भी शेयर किया एक्सपीरियंस
इससे पहले दिव्यांका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपनी ब्रेस्टफीडिंग जर्नी का जिक्र किया था. उन्होंने बताया था कि जुड़वां बच्चों को स्तनपान कराते समय उनके मन में कई सवाल आते थे और कई बार उन्हें खुद पर भी संदेह होता था. हालांकि, एक्सपर्ट की सलाह और सही जानकारी ने उनका सफर थोड़ा आसान बनाया.
‘मां और बच्चों दोनों का ध्यान जरूरी’
बहरहाल, दिव्यांका की यह बातचीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ग्लैमरस दुनिया से अलग मातृत्व की वास्तविक चुनौतियों पर बात की है. उनका कहना है कि मां और बच्चे दोनों की जरूरतों और आराम पर बराबर ध्यान दिया जाना चाहिए.