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पिता फ्लॉप होकर गायब, बेटा डेब्यू में हुआ ढेर… मां ने 1 फिल्म से रच दिया इतिहास

बॉलीवुड का एक ऐसा परिवार जिसमें हिट देने से लेकर फ्लॉप का ठप्पा पाने वाले तक लोग शामिल है, जिसमें पिता ने कभी कोई हिट फिल्म महीं दी, बेटे ने करियर की शुरुआत की तो फ्लॉप का मुंह देखना पड़ा, वहीं मां ने अपनी पहली ही फिल्म से तहलका मचा दिया था, और हमेशा के लिए एक ऐसी आइकॉनिक पहचान बनाई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया.

इंडस्ट्री में हर स्टार किड या स्टार फैमिली की किस्मत एक जैसी नहीं होती. जहां कुछ फैमिलीज में स्टारडम पीढ़ियों तक चलता है, वहीं कुछ ऐसे भी हैं, जहां एक ही घर में सफलता और असफलता की कहानी साथ-साथ लिखी जाती है. ऐसी ही दिलचस्प कहानी है, एक्ट्रेस भाग्यश्री और उनके परिवार की.

भाग्यश्री का नाम सुनते ही आज भी लोगों के जेहन में फिल्म 'मैंने प्यार किया' की मासूम सुमन की तस्वीर सामने आ जाती है. साल 1989 में रिलीज हुई, इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया था. सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने इतना पसंद किया, कि ये फिल्म आज भी बॉलीवुड की सबसे यादगार लव स्टोरीज में गिनी जाती है.

खास बात ये है, कि एक ही फिल्म ने भाग्यश्री को ऐसी पहचान दी, जो दशकों बाद भी कायम है. हालांकि, जहां भाग्यश्री का करियर इस फिल्म से ऊंचाइयों पर पहुंचा, वहीं उनके पति हिमालय दासानी का फिल्मी सफर कुछ खास नहीं रहा.

हिमालय ने 'कैद में बुलबुल', 'त्यागी' और 'पायल' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाई. लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद उन्होंने धीरे-धीरे इंडस्ट्री से दूरी बना ली और बिजनेस की दुनिया में कदम रख लिया.

दिलचस्प बात ये है, कि भाग्यश्री ने शादी के बाद फिल्मों में वापसी तो की, लेकिन उन्होंने ज्यादातर फिल्में अपने पति के साथ ही कीं. इन फिल्मों को भी दर्शकों का खास प्यार नहीं मिला, जिससे उनका करियर दोबारा पहले जैसा मुकाम हासिल नहीं कर सका.

वहीं, अब बारी आई उनके बेटे अभिमन्यु दासानी की. जब उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया, तो फैंस को उम्मीद थी, कि वो अपनी मां की तरह छा जाएंगे, लेकिन उनकी पहली फिल्म ही बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई. इसके बाद उन्होंने और भी प्रोजेक्ट्स किए, लेकिन सफलता उनसे दूर ही रही.

इस तरह एक ही परिवार में जहां मां ने एक फिल्म से इतिहास रच दिया, वहीं पिता और बेटे का करियर संघर्ष में ही उलझा रह गया. ये कहानी इस बात का सबूत है, कि बॉलीवुड में सफलता की कोई गारंटी नहीं होती, यहां हर किसी को अपनी किस्मत खुद बनानी पड़ती है.