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इस हसीना के हुस्न पर मरते थे लाखों, इश्क में ऐसा डूबीं कि खुद ही डुबो लिया करियर, पीक पर छोड़ा बॉलीवुड और हो गईं गायब

एंटरटेनमेंट की दुनिया के चमकते सितारे जिन्होंने अपनी मेहनत के दमपर लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई, लेकिन अपने कुछ फैसलों के कारण वही सबकुछ बर्बाद कर बैठते हैं, इंडस्ट्री की ऐसी ही एक हसीना है, जिन्होंने बॉलीवुड के बड़े-बड़े एक्टर्स के साथ काम किया और बॉक्स ऑफिस को ब्लॉकबस्टर दी, लेकिन फिर अचानक इंडस्ट्री छोड़ गायब हो गईं. जिनका इस तरह से जाना लोगों को हैरान कर गया, मेकर्स से लेकर दर्शक तक हर कोई हैरान था.

90s की वो हसीना जिसकी खूबसूरती से लेकर उसके डांस तक के लोग दीवाने थे, वो कोई और नहीं बल्कि ममता कुल्कर्णी हैं, जिन्होंने करियर के पीक पर इंडस्ट्री को छोड़ा उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साउथ फिल्मों से की थी, लेकिन असली पहचान उन्हें हिंदी सिनेमा से मिली.

1992 में आई फिल्म 'तिरंगा' से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा, और फिर 'आशिक आवारा' ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का 'न्यू फेस' अवॉर्ड भी मिला. इसके बाद उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया.

एक दौर ऐसा था, जब उनके गाने हर तरफ छाए रहते थे. 'कहां गिरा बटन मेरी कुर्ती का' और 'मुझको राणा जी माफ करना' जैसे गानों ने उन्हें बोल्ड और ग्लैमरस स्टार की पहचान दिलाई. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ऐसी थी, कि दर्शक उन्हें देखते ही रह जाते थे.

लेकिन साल 2000 के आसपास उनकी जिंदगी ने अचानक करवट ली. उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आने लगी, खासकर दुबई के कारोबारी विक्की गोस्वामी के साथ उनके रिश्ते को लेकर, कहा जाता है, कि इसी रिश्ते की वजह से इंडस्ट्री में उनके लिए काम मिलना मुश्किल होने लगा था, और धीरे-धीरे उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली थी.

इसी दौरान उनकी जिंदगी में एक बड़ा झटका भी लगा. ममता ने एक इंटरव्यू में बताया था, कि उन्होंने 9 दिनों तक मां की आराधना की, लेकिन उसी दौरान उनकी मां का निधन हो गया. इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया, और उनका झुकाव अध्यात्म की ओर बढ़ गया.

ममता ने खुलासा किया था, कि इंडस्ट्री छोड़ने से पहले उन्हें 30-40 फिल्मों के ऑफर मिले थे, लेकिन तब तक उनका मन पूरी तरह बदल चुका था. उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कहकर आध्यात्मिक जीवन चुन लिया.

आज ममता कुलकर्णी भले ही फिल्मों से दूर हों, लेकिन उनकी कहानी इस बात की मिसाल है, कि शोहरत के शिखर पर भी इंसान की प्राथमिकताएं बदल सकती हैं. एक समय जिनके नाम से फिल्में हिट हो जाती थीं, उन्होंने खुद ही उस दुनिया से दूरी बना ली, और एक अलग राह चुन ली.