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Asha Bhosle-Lata Mangeshkar के बीच रिश्ते में थी खटास? जानें पूरी सच्चाई

लता मंगेशकर और आशा भोसले म्यूजिक इंडस्ट्री की बड़ी हस्तियों में से एक हुआ करती थी. लता मंगेशकर ने अपने करियर में तमाम गाने गाए हैं और अपनी मीठी आवाज से लोगों के दिलों में जगह बनाई. वहीं, दूसरी ओर उनकी छोटी बहन आशा भोसले ने भी इंडस्ट्री में 12000 गाने गाए हैं और उन्होंने ज्यादा पार्टी सॉन्ग, हल्ला गुल्ला वाले गाने गाए हैं. हालांकि दोनों के करियर के दौरान अक्सर ही कहा गया कि हमेशा ही उनके बीच मतभेद रहे हैं. इतना ही नहीं ये तक कहा गया कि लता आशा के करियर से नाखुश थीं और वो उन्हें आगे नहीं बढ़ने देना चाहती हैं.

हालांकि हाल ही में राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने हाल ही में ई24 से खास बात की है. उन्होंने लता और आशा के रिश्ते और उनके झगड़े के बारे में उड़ी अफवाहों के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि लता ने हमेशा ही आशा भोसले का साथ दिया है और उन्हें उनके करियर में आगे बढ़ने में मदद की है.

दरअसल, राजीव शुक्ला जी ने कहा, " जब लता जी छोटी थीं, तो स्कूल में उन्होंने दाखिला लिया और मुरलीधर पाठशाला करके एक स्कूल था और वो वहां पढ़ने जाती थी. सिर्फ तीन ही दिन गई थीं. तो वह अपनी छोटी बहन आशा को भी साथ ले गई. वहां जो टीचर थे उन्हें बहुत गुस्सा आया और पूछा कि ये बच्चा किसके साथ है. जिसके बाद लता जी ने बताया तो उन्हें डांटा और कहा कि यहां बच्चे नहीं ला सकते. यह बात लता जी को बहुत बुरी लगी और उन्होंने अपनी मां से जाकर कह दिया कि वो अब से स्कूल नहीं जाएंगी. तो उनकी स्कूली शिक्षा सिर्फ तीन दिन की थी और वो स्कूल भी उन्होंने सिर्फ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि टीचर ने आशा को लाने से मना कर दिया. ऐसा प्यार था दोनों बहनों में.

इसके आगे उन्होंने बताया कि लता और मीना जी दोनों ही मुंबई में काम की तलाश कर रही थी और इस बीच आशा भी बड़ी हो गईं. उन्होंने कहा, "इसी दरमियान आशा भी बड़ी हो गई और उन्हें किसी से प्यार हो गया. लेकिन परिवार नहीं चाहता था कि शादी है. आशा जी बिल्कुल निश्चय कर चुकी थीं कि उन्हें उससे शादी करनी है. पूरा परिवार इस बात से नाराज था और खासकर मां बहुत नाराज थीं.लेकिन आशा जी नहीं मानी और उसके साथ चली गई और 12 साल तक घर नहीं आईं.कभी-कभी स्टूडियो में दोनों बहनें गाती थीं. लेकिन परिवार से जाने के बाद आशा और लता दोनों में थोड़ी पीड़ा थी. लेकिन फिर 12 साल बाद क्या हुआ.

उन्होंने आगे कहा, " एक दिन बालकेश्वर में लता जी के घर की घंटी बजी. दरवाजा उनकी मां खोला तो देखा आशा जी वहां पर खड़ी थीं. साथ में दो बच्चे थे, संदूक थी और वो घर वापस लौट आईं थीं दुखी होकर अपने ससुराल से. इसपर मां ने कहा कि आशा ये घर लता का है, अब इस घर की मालकिन लता हैं मैं नहीं. मुझे उससे पूछना पड़ेगा, तभी तुम अंदर आ सकती हो. लता जी कोल्हापुर गई थीं. उन्होंने फोन किया है और लता जी को जैसे ही उनकी मां ने बताया कि आशा आई हुई है अपने बच्चों के साथ. लता जी ने एक पल नहीं लगाया और कहा कि उसे मेरा वाला कमरा दे दो. मेरा कमरा खाली करो और वो आशा को दे दो और इस तरह से इस परिवार का फिर से मिलन हुआ. तो जो लोग इस तरह की अफवाहें उड़ाते रहे हैं, जो झगड़ा करा रहे थे, सभी के मुंह सफेद पड़ गए. परिवार फिर से एक हो गया. मीना जी ने इसपर कहा था, कि हम मास्टर दीनानाथ की बेटियां है आखिर हम अलग अलग कैसे रह सकते हैं.

उन्होंने बताया कि पूरा परिवार एक साथ हो गया था और आशा के छोटे बेटे आनंद का भी जन्म लता के घर में हुआ था. इतना ही नहीं लोग आशा-लता के रिश्ते पर इतनी बातें बनाते थे कि लोगों ने फिल्म सांझ बना दी है, जो दो बहनों के झगड़े पर बनी थी. उन्होंने लता के साथ अपने पुराने इंटरव्यू के बारे में बात की, जब लता जी से उन्होंने पूछा था कि आपके और आशा के बीच इतने मतभेद थे कि आपने आशा जी को आगे नहीं बढ़ने दिया. इसपर उन्होंने जवाब दिया कि, " आशा को अगर बढ़ने नहीं दिया होता, तो क्या आज आशा का इतना नाम होता.

इतना ही नहीं उन्होंने ओपी नैय्यार और लता मंगेशकर के रिश्ते पर भी बात की. उन्होंने बताया कि कैसे लोग अफवाह उड़ाते थे कि ओपी नैय्यर ने कभी लता के साथ गाने नहीं बनाए. उन्होंने हमेशा ही सिर्फ आशा को मौके दिए. हालांकि लता और ओपी नैय्यर के रिश्ते अच्छे थे. दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी. लेकिन वो जो धुन बनाते थे वो लता जी को पसंद नहीं थी और आशा उस तरह के गानों की एक्सपर्ट थीं. तो इसलिए ओपी नैय्यर के गानों में आशा ने ज्यादा गाने गाए और लता को उनके काम का तरीका पसंद नहीं था. लेकिन व्यक्तिगत रूप से दोनों के रिश्ते अच्छे थे. उन्होंने आगे कहा, "शायद ये भी बात रही होगी कि लता जी को आशा जी से इतना प्यार था कि वो चाहती होंगी कि ये गाने आशा गाए ताकि उसका रुतबा फिल्म इंडस्ट्री में बने और उसको भी खूब काम मिले और उनको खूब काम मिला. एक रिकॉर्ड भी कायम किया कि एक दिन में 7-7 गाने रिकॉर्ड किए. 12000 हजार उन्होंने गाने गाए. तो ये कहना गलत होगा कि लता जी आशा जी को रोकती थीं और आगे नहीं बढ़ने दिया.