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माधुरी-काजोल के टक्कर की हीरोइन… जिसका एक डर ने रातोंरात छुड़वाया बॉलीवुड

90 के दशक में जब माधुरी दीक्षित, जूही चावला, काजोल और करिश्मा कपूर का जलवा था. उसी दौर में एक और हसीना अपनी खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस से लोगों का दिल जीत रही थी, लेकिन करियर की बुलंदियों पर होने के बाद उन्होंने मात्र एक डर से बॉलीवुड छोड़ने का फैसला कर लिया.

ये अदाकारा कोई और नहीं बल्कि साक्षी शिवानंद हैं, जिन्होंने तेलुगु फिल्म 'अन्ना वदिना' से इंडस्ट्री में कदम रखा, और आते ही तहलका मचा दिया. जिसके बाद से उन्हें पीछे मुड़कर देखने की कभी जरूरत नहीं पड़ी. इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में भी कदम रखा था, और 'जनम कुंडली' व 'पापा कहते हैं' जैसी फिल्मों में कामकर छा गईं.

हालांकि, हिंदी सिनेमा में उन्हें वो पहचान नहीं मिली, जो उन्हें साउथ फिल्म इंडस्ट्री में हासिल हुई.साउथ में साक्षी ने बड़े-बड़े सितारों के साथ काम किया. चिरंजीवी, ममूटी और अरविंद स्वामी जैसे सुपरस्टार्स के साथ उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया गया. 90 के दशक में वो साउथ की टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाने लगी थीं.

लेकिन, जब उनका करियर ऊंचाई पर था, तभी उनकी जिंदगी में एक खौफनाक मोड़ आया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी बढ़ती पॉपुलैरिटी के कारण उन्हें अंडरवर्ल्ड से धमकी भरे कॉल आने लगे.

एक इंटरव्यू में साक्षी ने खुद बताया था, कि इन घटनाओं से वो बुरी तरह डर गई थीं. यही डर उनके फैसले पर भारी पड़ा. इस डर की वजह से साक्षी ने धीरे-धीरे बॉलीवुड से दूरी बना ली, और साउथ की फिल्मों तक सीमित हो गईं.

फिर एक वक्त ऐसा भी आया, जब वो एक्टिंग की दुनिया से लगभग गायब ही हो गईं. उनके अचानक गायब होने से फैंस भी हैरान रह गए. हालांकि, साक्षी का बॉलीवुड करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन वो एक गाने की वजह से आज भी याद की जाती हैं.

फिल्म 'आपको पहले भी कहीं देखा है' का गाना 'बाबा की रानी हूं' आज भी लोगों के दिलों को छू जाता है. इस गाने में उनके साथ ओम पुरी नजर आए थे, जिन्होंने उनके पिता का किरदार निभाया था. अलका याग्निक की आवाज में सजा ये गाना आज भी विदाई जैसे इमोशनल मौकों पर सुना जाता है.