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मशहूर डायरेक्टर ने सगी बहन की बेटी से किया प्यार, परिवार के खिलाफ जाकर रचाई शादी, भाई को बनाया सुपरस्टार
हिंदी सिनेमा की आइकाॅनिक फिल्म ‘गाइड' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि एक ऐसा सिनेमाई चमत्कार था जिसने दुनिया को बता दिया कि असल में भारतीय सिनेमा क्या है. ये भारत की पहली ऐसी फिल्म थी, जिसे हिंदी और अंग्रेजी भाषा में शूट किया गया और दुनियाभर के लोगों ने इसे पसंद किया. इस ऐतिहासिक फिल्म को बनाने वाले का नाम था- विजय आनन्द, जिन्होंने अपने शानदार डायरेक्शन से सालों हिंदी सिनेमा का नाम सबसे ऊपर रखा.
हिंदी सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर
प्रोफेशनल लाइफ में विजय आनंद का कोई टक्कर नहीं था. महज 23 साल की उम्र में विजय ने 'नौ दो ग्यारह' (1957) जैसी फिल्म मात्र 40 से 45 दिनों में बनाकर पूरी इंडस्ट्री को चौंका दिया. अपनी फिल्म ‘गाइड’ से विजय ने अपने भाई देव आनंद को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया.
सगी बहन की बेटी से रचाई शादी
अपनी फिल्मों से विजय आनंद के खूब नाम कमाया, लेकिन 70 के दशक में उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया, जिससे हंगामा मचा गया. दरअसल उस समय विजय आनंद अपनी सगी भांजी (बड़ी बहन की बेटी) सुषमा से शादी कर हर किसी को चौंका दिया. परिवार और समाज के कड़े विरोध के बावजूद, उन्होंने परवाह नहीं की और जीवनभर सुषमा के साथ रहे.
छोटे भाई को बनाया सुपरस्टार
अपने छोटे भाई देव आनंद के करियर में भी विजय आनंद का बहुत बड़ा हाथ था. उन्होंने अपनी फिल्मों से देव आनंद को बॉलीवुड का सबसे चहेता स्टार बना दिया. उनकी फिल्म ‘गाइड’ ने पूरी दुनियाभर में तहलका मचा दिया था. ये वो दौर था जब गाइड के जरिए विजय आनंद ने भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दिखाई.
90 के दशक में बनाई खास पहचान
विजय आनंद स्वभाव से थोड़े अंतर्मुखी थे. उन्होंने फिल्म 'कोरा कागज' और 'तेरे मेरे सपने' में बेहद संवेदनशील और जटिल किरदार निभाए हैं. 90 के दशक में विजय आनंद ने टीवी सीरियल 'तहकीकात' में 'डिटेक्टिव सैम डिसिल्वा' का किरदार निभाया, जो काफी पसंद किया गया.
2004 में हुआ देहांत
फरवरी 2004 को 70 साल के विजय आनंद को अचानक हार्ट अटैक आया और उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने पहले ही उन्हें बाईपास सर्जरी की सलाह दी थी, लेकिन विजय आनंद ने अपने शरीर के साथ कोई भी छेड़छाड़ (सर्जरी) करवाने से इनकार कर दिया और इस तरह 23 फरवरी 2004 की सुबह उनका देहांत हो गया.