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बॉलीवुड का वो डायरेक्टर, जिसके नाम हैं 36 नेशनल अवॉर्ड और एक ऑस्कर
बॉलीवुड इंडस्ट्री में तमाम बेहतरीन एक्टर और एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने अपने दम पर दुनिया भर में नाम कमाया है. हालांकि इन फिल्मों सितारों का करियर बनाने वाले डायरेक्टर्स को कई बार लोग नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन आज हम एक ऐसे फिल्म मेकर के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने करियर में 36 नेशनल अवॉर्ड जीते हैं. इतना ही नहीं उनके नाम 1 ऑस्कर अवॉर्ड भी है. साथ ही वह बंगाली सिनेमा के धुरंधर कहे जाते थे और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी अपने काम से लोगों का दिल जीता था.
सत्यजीत रे बर्थ एनिवर्सरी
दरअसल, हम बात कर रहे हैं सत्यजीत रे की. 2 मई 1921 को कोलकाता में जन्में सत्यजीत रे ना सिर्फ एक डायरेक्टर थे बल्कि एक बेहतरीन स्क्रीनराइटर, लिरिस्ट, मैगजीन एडिटर, कैलीग्राफर, इलस्ट्रेटर और कंपोजर भी थे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म पाथेर पांचाली से की थी, जिसे द अपू ट्राईलॉजी के नाम से भी जाना जाता है.
सत्यजीत रे की फिल्में
सत्यजीत ने अपनी पहली ही फिल्म से लाइमलाइट बटोर ली थी. लोगों को यह मूवी खूब पसंद आई थी और उसके बाद उन्होंने फिल्मों में ही अपना करियर बनाने का सोचा. उसके बाद उन्होंने तमाम शानदार फिल्में दी. अपने 36 साल के करियर में उन्होंने अपराजितो, पारस पत्थर, जलसागर, अप्पू संसार, देवी, रवींद्रनाथ टैगोर, चारुलता, द इनर आइज, सदगति, गनशत्रु जैसी कई मूवी बनाई. तमाम बंगाली मूवी के बाद उन्होंने हिंदी फिल्म शतरंज के खिलाड़ी भी बनाई, जिसमें एक्टर संजीव कुमार और शहीद जाफरी नजर आए थे. यह उनके करियर की मात्र एक हिंदी फिल्म थी.
सत्यजीत रे को मिले 36 नेशनल अवॉर्ड्स
सत्यजीत ने अपने करियर में ना सिर्फ बेहतरीन फिल्में बनाई हैं, बल्कि उन्होंने इन मूवीज से अपने दौर में खूब नाम भी कमाया है. इतना ही नहीं उन्हें अपने शानदार काम के लिए सम्मान भी मिला है. उन्हें नेशनल अवॉर्ड से लेकर इंटरनेशनल अवॉर्ड तक मिले हैं. 1984 में डायरेक्टर को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. इसके बाद 1992 में भारत रत्न भी दिया गया था. इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में 36 नेशनल अवॉर्ड जीते हैं, जो उन्हें कई कैटेगरी में मिले हैं.
सत्यजीत रे ने जीते तमाम इंटरनेशनल अवॉर्ड
सत्यजीत रे उस दौर के एक ऐसे डायरेक्टर हैं, जिन्होंने ऑस्कर अवॉर्ड भी अपने नाम किया है. इतना ही नहीं वह कुल 20 इंटरनेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. जिसमें ऑस्कर के अलावा बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, कान्स फिल्म फेस्टिवल, सैन फ्रांसिस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, रोम फिल्म फेस्टिवल, मॉस्को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे अवॉर्ड शामिल हैं.
सत्यजीत रे की मौत
बता दें कि 1983 में जब वह फिल्म घरे बैरे पर काम कर रहे थे तो उन्हें हार्ट अटैक आया था. वहीं, उसके बाद 1992 में उनकी हार्ट संबंधी समस्याओं के कारण हेल्थ बिगड़ने लगी थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उसके बाद 24 घंटे बाद उनका निधन हो गया था.