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‘संजय दत्त कांप रहे थे..’ आर्म्स एक्ट केस में फंसने के बाद संजू बाबा का ऐसा था हाल, 32 साल बाद हुआ खुलासा
संजय दत्त बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं। हाल ही में वह आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म 'धुरंधर' में नजर आए थे. इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों और क्रिटिक्स ने खूब सराहा. फिल्मों में शानदार काम और दमदार एक्टिंग के लिए वह अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. हालांकि, वह अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में बने रहते हैं. सभी जानते हैं कि साल 1993 उनकी जिंदगी का सबसे अहम और जिंदगी बदल देने वाला साल साबित हुआ था.
उज्जवल निकम ने संजय दत्त के केस पर की बात
दरअसल, 1993 में संजय दत्त को अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जाना पड़ा था. इस केस के बाद उन्हें लंबे समय तक लोगों की तरह-तरह की बातें भी सुननी पड़ी थीं. वहीं, हाल ही में इस मामले के सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने संजय दत्त को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि जब कोर्ट ने एक्टर के खिलाफ फैसला सुनाया था, तब उनकी हालत कैसी थी.
संजय दत्त कोर्ट में रोने लगे
लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में उज्ज्वल निकम ने कोर्ट रूम का एक किस्सा साझा किया. उन्होंने कहा, "जब भी संजय दत्त रोए, लोगों ने इसके लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया। मीडिया ऐसा माध्यम है, जो किसी भी इंसान की छवि बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है. जब कोर्ट ने संजय दत्त के खिलाफ फैसला सुनाया, तब वह घबरा गए थे. वह बेल पर बाहर थे, लेकिन कोर्ट ने तुरंत उन्हें हिरासत में लिए जाने का आदेश दिया था. मेरी दलील थी कि उन्हें प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ नहीं मिलना चाहिए. उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था, जबकि कोर्ट ने उन्हें साजिश के आरोप से बरी कर दिया था. इस बात पर हमें भी कोई आपत्ति नहीं थी. मैंने आर्म्स एक्ट के तहत उन्हें सात साल की सजा दिए जाने की मांग की थी."
संजय दत्त को उज्जवल निकम ने दिलाई थी सजा
उज्ज्वल निकम ने आगे कहा, "वहीं, उनके वकील का कहना था कि क्योंकि यह उनका पहला अपराध था, इसलिए उन्हें बॉन्ड पर रिहा किया जाना चाहिए. लेकिन मैं इसके खिलाफ था, क्योंकि जो पिस्तौल उनके पास थी, वह दाऊद इब्राहिम के एक बड़े शूटर से आई थी. अगर संजय ने ऐसे किसी व्यक्ति से हथियार लिया था, तो इसका मतलब है कि वह उसकी आपराधिक बैकग्राउंड से वाकिफ थे. प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ उन लोगों को मिलता है, जो पहली बार हालात में फंसकर अपराध कर बैठते हैं. लेकिन संजय दत्त के मामले में ऐसा नहीं था."
फैसले के बाद कांपने लगे थे संजय दत्त
उज्ज्वल निकम ने कोर्ट के फैसले के बाद संजय दत्त के रिएक्शन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "फैसला सुनाए जाने के बाद वह कांप रहे थे. संजय बार-बार कह रहे थे, 'नहीं सर, मैंने कुछ गलत नहीं किया है. सर, मैं वापस आऊंगा.' उनकी हालत ऐसी थी कि वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे. मैं कोर्ट रूम में उनके पास ही खड़ा था. मैंने उनसे कहा, 'संजू, मीडिया देख रही है, प्लीज सीधे खड़े हो जाइए.' उस वक्त मैंने उन्हें हिम्मत दी और संभलने में उनकी मदद की. लेकिन इसके बावजूद मीडिया ने मुझे विलेन बना दिया। हर कोई मेरे खिलाफ था."
उज्जवल निकम पर आ रही है फिल्म प्रहार
बता दें कि संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के मामले में सजा दिलाने में सरकारी वकील उज्ज्वल निकम की अहम भूमिका रही थी. हालांकि, इसके बावजूद आज दोनों अच्छे दोस्त हैं. संजय दत्त के जेल जाने के बाद भी उज्ज्वल निकम कई बार उनसे मिलने पहुंचे थे. उज्ज्वल निकम के जीवन पर आधारित फिल्म 'प्रहार' 7 अगस्त को रिलीज होगी, जिसमें राजकुमार राव उनके किरदार में नजर आएंगे.
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