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Shatrughan Sinha के सबसे करीबी दोस्त थे Pahlaj Nihalani, गोविंदा को भी बनाया था सुपरस्टार
बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर और सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी हमारे बीच नहीं रहे. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में एक लंबा समय बिताया और कई यादगार फिल्में दीं. निहलानी को न केवल उनकी फिल्मों के लिए, बल्कि उनके बेबाक अंदाज के लिए भी जाना जाता था. उनके जाने से फिल्म जगत में शोक की लहर है. उन्होंने गोविंदा और चंकी पांडे जैसे सितारों को लॉन्च किया, लेकिन बॉलीवुड में उनकी दोस्ती की मिसाल हमेशा शत्रुघ्न सिन्हा के साथ दी जाती रही. उनका जाना एक युग का अंत है.
शत्रुघ्न सिन्हा के साथ अटूट रिश्ता
पहलाज निहलानी और शत्रुघ्न सिन्हा की दोस्ती दशकों पुरानी थी. जब शत्रुघ्न सिन्हा अपने करियर के चरम पर थे, तब निहलानी उनके सबसे भरोसेमंद साथी माने जाते थे. निहलानी अक्सर कहते थे कि शत्रुघ्न उनके लिए केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि भाई की तरह हैं. दोनों ने साथ में 'इल्जाम' और 'आग ही आग' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया. उनकी केमिस्ट्री पर्दे के पीछे और पर्दे पर, दोनों जगह हिट थी.
'बिहारी बाबू' के सबसे बड़े समर्थक
जब भी शत्रुघ्न सिन्हा किसी मुश्किल में होते, पहलाज निहलानी ढाल बनकर खड़े रहते थे. चाहे राजनीति की बात हो या फिल्मों की, निहलानी ने हमेशा शत्रुघ्न का समर्थन किया. शत्रुघ्न सिन्हा भी निहलानी की सलाह को बहुत महत्व देते थे. इंडस्ट्री में चर्चा रहती थी कि अगर पहलाज ने कोई स्क्रिप्ट चुनी है, तो शत्रुघ्न उसे बिना पढ़े भी साइन कर सकते थे. यह भरोसा ही उनकी दोस्ती की बुनियाद था.
गोविंदा को सुपरस्टार बनाने वाले मेकर
सिर्फ शत्रुघ्न सिन्हा ही नहीं, पहलाज निहलानी को गोविंदा का 'गॉडफादर' भी कहा जाता है. उन्होंने गोविंदा की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें 'इल्जाम' फिल्म से बड़ा ब्रेक दिया. उन्होंने ऐसी फिल्में बनाईं जो आम आदमी को पसंद आती थीं. नाच-गाना, कॉमेडी और एक्शन—उनकी फिल्मों का ट्रेडमार्क था. उन्होंने सिनेमा को पूरी तरह से 'देसी' और एंटरटेनिंग बनाए रखा.
सेंसर बोर्ड के विवादित लेकिन मजबूत अध्यक्ष
फिल्म निर्माण के अलावा, पहलाज निहलानी तब सबसे ज्यादा चर्चा में आए जब वे 'केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड' (CBFC) के अध्यक्ष बने. उनके कार्यकाल के दौरान कई विवाद हुए, उन्होंने फिल्मों में कैंची चलाने को लेकर काफी कड़ाई दिखाई. हालांकि, उनका तर्क हमेशा यही रहता था कि वे भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा कर रहे हैं. वे अपनी बात पर अडिग रहने वाले व्यक्ति थे.
एक खालीपन जो कभी नहीं भरेगा
पहलाज निहलानी के निधन से बॉलीवुड ने एक ऐसा फिल्ममेकर खो दिया है जो जमीन से जुड़ा हुआ था. फिल्म जगत के तमाम सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. उनकी फिल्में और उनके द्वारा खोजे गए सितारे हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे. उनका योगदान भारतीय सिनेमा के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा.