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हैंडसम हंक से बने ‘महाराज’, अब लोग करने लगे पूजा! करोड़ों की कमाई वाली फिल्म ने बदल दी इस एक्टर की किस्मत, लेकिन क्या करियार का बन सकती है बंधन?
'हनुमान अंश' इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर तहला मचा रही है, 2 करोड़ जैसे बेहद कम बजट में बनी यह फिल्म दुनियाभर में 180 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है, इतना ही नहीं इसे लीड एक्टर को दर्शक सच में भगवान की तरह पूज रहे हैं, लेकिन क्या ये कामयाबी शोभिनव के लिए ये प्यार वरदान बनेगा या बंधन ये सवाल जरूर उठता है?
फिल्म इंडस्ट्री में कई बार एक ऐसा किरदार मिल जाता है, जो किसी कलाकार की पूरी जिंदगी बदल देता है. कुछ ऐसा ही हुआ 'हनुमान अंश' के एक्टर शोभिनव सत्या के साथ. कभी हैंडसम हंक के लुक में नजर आने वाले शोभिनव ने फिल्म में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया और देखते ही देखते दर्शकों के बीच उनकी एक अलग पहचान बन गई. अब लोग उन्हें एक्टर से ज्यादा 'महाराज' के रूप में देखने लगे हैं.
फिल्म से लीड एक्टर के रूप में नहीं जुड़े थे शोभिनव
लेकिन दिलचस्प बात ये है कि शोभिनव इस फिल्म में बतौर लीड एक्टर नहीं आए थे. वह फिल्म की टीम के साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर जुड़े हुए थे. फिल्म में नीम करोली बाबा का किरदार निभाने वाले कलाकार की तबीयत खराब होने के बाद निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की नजर शोभिनव पर पड़ी. इसके बाद उनका स्क्रीन टेस्ट हुआ, जो करीब पांच घंटे तक चला. टेस्ट के बाद उन्हें इस अहम किरदार के लिए चुन लिया गया.
कभी थे हैंडसम हंक, अब बदला पूरा लुक
नीम करोली बाबा बनने के लिए शोभिनव ने अपना पूरा लुक बदल दिया. लंबी दाढ़ी, तिलक, सादे कपड़े और शांत हाव भाव में उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो गया. उनकी एक्टिंग और ट्रांसफॉर्मेशन को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इतना ही नहीं लोग उन्हें एक बाबा और संत के रूप में मानने लगे हैं.
कैसे हुई फिल्मी करियर की शुरुआत?
शोभिनव का फिल्मी सफर भी थोड़ा अलग रहा है. FTII पुणे से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने करीब एक दशक तक कैमरे के पीछे काम किया. असिस्टेंट डायरेक्टर से लेकर सेकेंड यूनिट डायरेक्टर और स्क्रिप्ट-कंटिन्युटी जैसे कई काम करने के बाद अब वह कैमरे के सामने अपनी पहचान बना रहे हैं.
लोग करने लगे 'बाबा' की पूजा
'हनुमान अंश' की सफलता के बाद शोभिनव की पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ी है. यहां तक कि कुछ लोग उन्हें असल जिंदगी में भी महाराज समझकर पूजने लगे हैं, और यही शोभिनव के करियर के लिए बड़ा खतरा हो सकता है, क्योंकि उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वो 'हुनमान अंश' में बने 'बाबा' की इमेज से बाहर निकल पाएंगे, कहीं ये उनके करियर के लिए वरदान की जगह बंधन न बन जाए, क्योंकि अगर दर्शक किसी एक्टर को एक खास अंदाज में पसंद कर लें, तो आगे भी उसे उसी तरह के किरदार मिलने का खतरा रहता है.
करियर का बंधन न बन जाए किरदार?
ये हम नहीं कह रहे बल्कि अगर पीछे मुड़कर देखें, तो रामानंद सागर की 'रामायण' के किरदार दीपिका चिखलिया (सीता), अरुण गोविल (राम), सुनील लहरी (लक्ष्मण) या सर्वदमन डी. बनर्जी (कृष्ण) को उनके किरदार के लिए आज भी भगवान की तरह पूजा जाता है, लोग देखते ही उनके पैर छूने दौड़ पड़ते हैं, और यही प्यार इन सितारों के करियर के लिए एक बंधन बन गई. जिससे ये स्टार्स कभी नहीं निकल पाए.
'बाबा' की इमेज से निकलना होगी अगली परीक्षा
अब शोभिनव को अपनी अगली फिल्मों में बिल्कुल अलग किरदार चुनने होंगे. एक्शन, नेगेटिव रोल, लवर बॉय या मॉडर्न किरदार उनके लिए नई पहचान बना सकते हैं. खासकर जब 'हनुमान अंश' का दूसरा पार्ट भी आने वाला है.
क्या दर्शकों को नया सरप्राइज दे पाएंगे एक्टर?
फिलहाल, तो ये किरदार उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है. जिस एक्टर ने सालों कैमरे के पीछे बिताए, वही पहली बड़ी एक्टिंग पारी में ऐसा किरदार कर गया कि लोग उन्हें नाम से ज्यादा 'बाबा' के रूप में पहचानने लगे. अब असली खेल यही है कि शोभिनव इस पहचान को आगे बढ़ाते हैं या फिर अपनी 'हैंडसम हंक' वाली इमेज में वापस लौटकर दर्शकों को नया सरप्राइज देते हैं.
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