Sanchita Ugale Death Case: टीवी इंडस्ट्री की उभरती हुई अभिनेत्री संचिता उगले की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. महज 22 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली संचिता को लेकर अब उनकी करीबी दोस्त गीतांजलि ने कई ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने इस दुखद घटना को और भी दर्दनाक बना दिया है.
सहेली ने खोले संचिता के जिंदगी के राज?
संचिता की मौत के कुछ दिनों बाद गीतांजलि ने एक इंटरव्यू में बताया कि अभिनेत्री पिछले कई महीनों से मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं. उनके मुताबिक, संचिता अक्सर अपनी जिंदगी को लेकर निराशा जाहिर करती थीं और कई बार कह चुकी थीं कि वह अब जीना नहीं चाहतीं.
क्या बोलीं गीतांजलि?
गीतांजलि ने कहा कि अगर कोई इंसान बार-बार अपनी जिंदगी खत्म करने जैसी बातें करता है, तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब छह महीनों से संचिता इसी तरह की बातें कर रही थीं. उनकी मानसिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही थी.
डिप्रेशन से जूझ रहीं थीं संचिता?
दोस्त के अनुसार, इस साल की शुरुआत से ही संचिता डिप्रेशन का सामना कर रही थीं. हालत इतने खराब थे कि कई बार वह लगातार चार-पांच दिन तक ठीक से सो भी नहीं पाती थीं. इतना ही नहीं, वह किसी गहरे मानसिक तनाव या यूं कहें ट्रॉमा से भी गुजर रही थीं.
करियर में अच्छे मुकाम पर थीं संचिता
हैरानी की बात यह है कि करियर में अच्छे मौके मिलने के बावजूद संचिता का मन काम में नहीं लग रहा था. हाल ही में गुजरात में एक प्रोजेक्ट की शूटिंग पूरी करने के बाद उन्होंने गीतांजलि से कहा था कि उनका दिल अब किसी भी काम में नहीं लगता. उन्होंने अपनी दोस्त से यह भी कहा था कि उन्हें किसी चीज में खुशी महसूस नहीं होती और जिंदगी बेहद तकलीफदेह लगने लगी है.
इन बातों को गीतांजलि ने बताया बेबुनियाद!
इस बीच सोशल मीडिया पर चल रही उन अफवाहों को भी गीतांजलि ने खारिज कर दिया, जिनमें प्रोडक्शन हाउस के साथ किसी विवाद की बात कही जा रही थी. उन्होंने बताया कि प्रोडक्शन टीम ने संचिता की हालत को समझते हुए उनकी मदद करने की कोशिश की थी और उन्हें डॉक्टरों के पास भी ले जाया गया था.
कब घटी ये घटना?
बता दें कि 14 जून की शाम नालासोपारा स्थित अपने घर में संचिता मृत पाई गई थीं. परिवार उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के पीछे की असली वजह जानने की कोशिश की जा रही है. बहरहाल, संचिता की मौत ने एक बार फिर मेंटल हेल्थ को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह याद दिलाया है कि किसी भी व्यक्ति के इमोशनल स्ट्रगल को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.