पंजाब में विकास की रफ्तार को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार लगातार ठोस और प्रभावी फैसले ले रही है. शिक्षा, उद्योग और जनकल्याण जैसे अहम क्षेत्रों में राज्य सरकार की नीतियों का असर अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है, जिससे “रंगला पंजाब” के विजन को मजबूती मिल रही है.
राज्य सरकार की नीतियों का असर साफ दिख रहा है. हाल ही में भारत सरकार की शिक्षा रैंकिंग में पंजाब को पहला स्थान मिला है, जबकि केरल दूसरे स्थान पर रहा. यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य के सरकारी स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित कर रहे हैं. इसके अलावा, 300 से अधिक सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने JEE और NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं पास कर यह साबित किया है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था अब मजबूत और प्रतिस्पर्धी बन चुकी है. डिजिटल लाइब्रेरी जैसे आधुनिक कदम भी इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में चल रही “शिक्षा क्रांति” अब अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के 30 प्रिंसिपल सिंगापुर के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण केंद्र में विशेष ट्रेनिंग के लिए भेजे जा रहे हैं. यह इस पहल का आठवां बैच है, जबकि इससे पहले 234 प्रिंसिपल वहां प्रशिक्षण ले चुके हैं.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि केवल सिंगापुर ही नहीं, बल्कि फिनलैंड जैसे देशों में भी शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की ट्रेनिंग दी जा रही है. अब तक चार बैच फिनलैंड जा चुके हैं और अगला बैच अप्रैल में रवाना होगा. उन्होंने कहा कि “रंगला पंजाब” के निर्माण में शिक्षा सबसे मजबूत आधार है और ये प्रशिक्षित शिक्षक ही इस बदलाव को जमीन पर उतारेंगे.
उद्योग के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ी पहल की है. मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है, जिसका उद्देश्य पंजाब को निवेश के लिए आकर्षक बनाना है. उन्होंने कहा कि लुधियाना को फिर से “मैनचेस्टर” के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है. इसी कड़ी में 20 मार्च को टाटा समूह राज्य में अपना दूसरा बड़ा प्लांट शुरू करने जा रहा है, जिसमें करीब 3200 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 3000 लोगों को रोजगार मिलेगा.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि खाड़ी देशों में फंसे पंजाबियों को वापस लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. अब तक 385 लोगों ने संपर्क किया है, जिनमें से 300 से अधिक यूएई में हैं. राज्य सरकार ने इनकी जानकारी केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय को भेज दी है और संबंधित मंत्री दिल्ली में रहकर लगातार समन्वय कर रहे हैं, ताकि हर पंजाबी सुरक्षित वापस लौट सके.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार हर क्षेत्र में पारदर्शिता, विकास और जनहित को प्राथमिकता दे रही है. चाहे शिक्षा हो, उद्योग हो या लोगों की भलाई, हर मोर्चे पर ठोस और प्रभावी फैसले लिए जा रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से पंजाब तेजी से प्रगति करेगा और “रंगला पंजाब” का सपना साकार होगा.