पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की औद्योगिक दिशा को नया आयाम देते हुए औद्योगिक और व्यापार विकास नीति के जरिए निवेश, रोजगार और आर्थिक मजबूती पर बड़ा फोकस रखा है. उन्होंने साफ कहा कि यह नीति पारंपरिक ढांचे से हटकर तैयार की गई है, जिसमें निवेशकों को अधिक स्वतंत्रता, लचीलापन और उनकी जरूरतों के मुताबिक विकल्प दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री मान के अनुसार, इस नीति की सबसे अहम खासियत “निवेशक-केंद्रित मॉडल” है. अब निवेशक 20 अलग-अलग प्रोत्साहनों में से अपनी जरूरत के अनुसार चयन कर सकते हैं और अपने बिजनेस मॉडल के मुताबिक कस्टमाइज्ड पैकेज तैयार कर सकते हैं. यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हर उद्योग चाहे वह फार्मास्यूटिकल हो, इलेक्ट्रिक व्हीकल, टेक्सटाइल या डेटा सेंटर अपनी अलग लागत और जरूरतों के साथ आता है.
उन्होंने बताया कि पंजाब ने पहली बार पूंजी सब्सिडी लागू कर निवेशकों के जोखिम को कम करने का बड़ा कदम उठाया है. इससे बड़े प्रोजेक्ट्स की आर्थिक व्यवहार्यता बेहतर होगी और उद्योग तेजी से स्थापित हो सकेंगे. साथ ही, स्थिर पूंजी निवेश पर 100% तक प्रोत्साहन और रोजगार सृजन सब्सिडी की पात्रता को घटाकर 25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों तक लाना छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए बड़ा राहत कदम है.
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नीति केवल नए निवेशकों तक सीमित नहीं है. अब पहले से चल रहे उद्योग भी मशीनरी अपग्रेड, क्षमता विस्तार और नई उत्पादन लाइन शुरू करने पर वही लाभ ले सकेंगे, जो नए निवेशकों को मिलते हैं. इससे लुधियाना, जालंधर, बटाला और गोबिंदगढ़ जैसे औद्योगिक क्लस्टरों को नई ताकत मिलेगी.
नीति में प्रोत्साहनों की अवधि को बढ़ाकर 15 वर्ष तक करना एक और बड़ा कदम है, जो विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल और डेटा सेंटर जैसे पूंजी-गहन क्षेत्रों के लिए फायदेमंद है. इसके साथ ही, महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति और दिव्यांगों को रोजगार देने वाली कंपनियों को अतिरिक्त लाभ देकर समावेशी विकास को भी प्राथमिकता दी गई है.
मुख्यमंत्री मान ने सीमावर्ती जिलों जैसे पठानकोट, अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया है, ताकि क्षेत्रीय असंतुलन को दूर किया जा सके.
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य में पहले से निवेश का माहौल मजबूत हुआ है और बड़ी कंपनियां पंजाब की ओर आकर्षित हो रही हैं. नई नीति के जरिए सरकार का लक्ष्य निवेश को और तेज करना, उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भरोसा जताया कि यह नीति न केवल पंजाब को उद्योग और निवेश का मजबूत केंद्र बनाएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक स्थिरता और नई दिशा भी देगी.