पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान राज्य को औद्योगिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं. इसी कड़ी में लुधियाना से शुरू की गई औद्योगिक और व्यापार विकास नीति–2026 को एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य पंजाब को देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में तैयार की गई इस नीति की सबसे खास बात यह है कि इसमें निवेशकों को अपनी जरूरत के अनुसार प्रोत्साहन चुनने की आजादी दी गई है. अब निवेशक 20 तरह के प्रोत्साहनों में से अपने बिजनेस मॉडल के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं. इससे उद्योगों को अपनी लागत और जरूरत के अनुसार योजना बनाने में आसानी होगी, जो पहले संभव नहीं था.
इस नीति में पहली बार पूंजी सब्सिडी की शुरुआत की गई है, जिससे निवेशकों का आर्थिक जोखिम कम होगा. इसका मतलब है कि उद्योग लगाने के शुरुआती खर्च में सरकार भी सहयोग करेगी, जिससे अधिक से अधिक निवेश पंजाब में आएगा. यही नहीं, प्रोत्साहनों की अवधि को बढ़ाकर 15 साल तक कर दिया गया है, जो अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अधिक है.
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी सुनिश्चित किया है कि केवल नए उद्योग ही नहीं, बल्कि पहले से चल रहे उद्योग भी इस नीति का लाभ उठा सकें. अब पुराने उद्योग अपनी मशीनरी अपग्रेड करने, उत्पादन बढ़ाने या विस्तार करने पर भी वही सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे, जो नए निवेशकों को मिलती हैं. इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
नई नीति में छोटे उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है. रोजगार सृजन सब्सिडी के लिए निवेश और कर्मचारियों की न्यूनतम सीमा को घटाकर अधिक उद्योगों को इसमें शामिल किया गया है. इससे लुधियाना, जालंधर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के हजारों छोटे व्यवसायों को फायदा मिलेगा.
इसके अलावा, महिलाओं, अनुसूचित जाति, जनजाति और दिव्यांगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा, जिससे सामाजिक समावेश को भी बढ़ावा मिलेगा. सीमावर्ती क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान भी किया गया है.
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की यह नई औद्योगिक नीति पंजाब में निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह नीति दिखाती है कि उनकी सरकार उद्योगों के साथ-साथ आम लोगों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.