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किसानी करता था ‘रामायण’ का ये एक्टर, लेकिन ऐसे गई थी जान

रामानंद सागर के निर्देशन में बना शो रामायण आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है. इस शो के हर किरदार ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. शो में अरुण गोविल भगवान राम की भूमिका में दिखे हैं और दीपिका चिखलिया माता सीता के किरदार में नजर आईं थी. दोनों का किरदार ऐसा था कि लोग उन्हें हकीकत में भगवान मानने लगे थे और पूजने लगे थे. हालांकि लीड किरदार के अलावा बहुत कम ही ऐसे किरदार थे, जिन्हें खूब पॉपुलैरिटी मिली. कुछ ऐसे रोल भी रहे जो बाद में गुमनाम हो गए. वहीं इस के एक ऐसे रोल के बारे में हम बात करने जा रहे हैं, जो कि किसान हुआ था. इतना ही नहीं इनकी मौत बेहद दुखद रही थी.

दरअसल, हम बात कर रहे हैं संजय जोग की. जिन्होंने रामानंद सागर की रामायण में भगवान राम के छोटे भाई भरत का किरदार निभाया था. उन्होंने भरत के रोल में जान डाल दी थी. बेहतरीन एक्टिंग, हाव भाव हर एक चीज उनकी बेहद शानदार थी. जिस तरह से उन्होंने अपना ये किरदार निभाया था, उससे लोगों की आंखों में भी आंसू आ गए थे.

24 दिसंबर 1955 को महाराष्ट्र के नागपुर में जन्में संजय जोग ने 10वीं तक पढ़ाई की और उसके बाद वह मुंबई आ गए. उन्होंने वहां पर अपनी आगे की पढ़ाई की. इसके अलावा एल्फिनस्टोन कॉलेज से बीएससी की भी पढ़ाई की थी. संजय मुंबई पढ़ाई करने के लिए गए थे, न ही एक्टिंग. इसके बारे में खुद उन्होंने जानकारी दी थी. हालांकि जब उनकी एक्टिंग में दिलचस्पी बढ़ी तो बीएससी की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने फिल्मालय स्टूडियो से एक्टिंग का भी कोर्स किया. एक्टिंग का कोर्स करते हुए उन्होंने मराठी फिल्म 'सपला' ऑफर हुई थी. हालांकि मूवी बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप रही.

पहली ही मूवी फ्लॉप होने के बाद संजय को बड़ा झटका लगा था और वह डिप्रेशन में भी चले गए थे. इसके बाद वह अपने घर नागपुर वापस आ गए और वहां उन्होंने किसानी का काम शुरू कर दिया था. उन्होंने कभी भी खेती का काम नहीं छोड़ा. इतना ही नहीं उनके पास एक पोल्ट्री फार्म था और साथ में पुणे में कुछ जमीन थी. इस बीच वह काम के सिलसिले में मुंबई जाते थे. तभी उन्हें फिर से एक मराठी मूवी का ऑफर आया और वह हिट रही. इसके बाद उन्होंने अपने करियर में 30 मराठी फिल्मों में काम किया. वह मराठी मूवीज के अलावा हिंदी फिल्मों में भी दिखाई दिए. उन्होंने जिगरवाला, हमशक्ल, अपना घर, मुठभेड़ जैसी कई फिल्में की.

वहीं, शो रामायण में नजर आए थे. यह किरदार उन्हें एक मेकअप आर्टिस्ट के कारण मिला था. दरअसल, हुआ कुछ ऐसा था कि वह माया बाजार नाम की एक गुजराती फिल्म में काम कर रहे थे और इस मूवी में मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर गोपाल दादा काम कर रहे थे, जो कि रामानंद सागर की रामायण का भी काम संभाल रहे थे. इसी बीच उन्होंने संजय से रामायण को लेकर सुझाव दिया और कहा कि उन्हें रामानंद सागर से मिलना चाहिए, क्योंकि वह रामायण का निर्माण कर रहे हैं. जिसके बाद संजय ने उनकी बात सुनी और फिर रामानंद सागर से बात की. इतना ही नहीं संजय की तस्वीरें रामानंद सागर को खूब पसंद आई थीं.

इसके बाद उन्होंने रामायण में मेघनाद, लक्ष्मण और भरत के लिए ऑडिशन दिया था. रामानंद सागर ने उन्हें लक्ष्मण का रोल ऑफर किया, लेकिन वह उस दौरान कुछ अन्य फिल्मों में भी काम कर रहे थे और बिजी शेड्यूल के कारण उन्होंने भरत के रोल को चुना. इस किरदार से वह सभी के दिलों में छा गए.

बता दें कि तमाम फिल्मों में काम करने और रामायण जैसे शो में भरत का किरदार कर लोगों के दिलों पर राज करने वाले संजय जोग का अंत बेहद दुखद रहा था. दरअसल, 27 दिसंबर 1995 संजय जोग का निधन हो गया था. लीवर की बीमारी के कारण उन्होंने बहुत ही जल्द इस दुनिया से विदा ले ली थी. संजय के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे रह गए.