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पर्दे पर मां, असल जिंदगी में रहस्यमयी मौत; ‘रामायण’ एक्ट्रेस का केस आज भी बना है अनसुलझी गुत्थी

रामानंद सागर के निर्देशन में बनी टीवी की रामायण आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है. यह शो उस जमाने का सबसे चर्चित शो हुआ करता था. इतना ही नहीं लोग एक साथ मिलकर इस प्रोग्राम को देखा करते थे. शो के किरदार अरुण गोविल को लोग भगवान राम के स्वरूप में पूजने लगे थे और एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया को माता सीता के किरदार के तौर पर देखने लगे थे. इस शो का किरदार हर किसी के जहन में बस गया है. वहीं, आज इस शो में एक अहम किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिनके मौत की गुत्थी अभी भी अनसुलझी है.

हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस उर्मिला भट्ट की. जो कि रामानंद सागर की रामायण में माता सीता की मां रानी सुनैना के रोल में नजर आईं थी. उर्मिला ने ना सिर्फ टीवी शोज में काम किया बल्कि वह फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत टीवी से नहीं बल्कि फिल्मों से की थी. वह इंडस्ट्री के तमाम बड़े एक्टर्स जैसे दिलीप कुमार, अमिताभ बच्चन, सुनील दत्त और राज कुमार के साथ नजर आ चुकी हैं. वह अमिताभ की तमाम फिल्मों में मां के रोल में ही नजर आईं है. हालांकि उन्हें पहचान रामानंद सागर की रामायण से ही मिली है.

जब उर्मिला कॉलेज में पढ़ाई करती थी, तो उन्हें एक्टिंग का बहुत शौक था और इस बीच वह थिएटर के साथ-साथ गुजराती सिनेमा में काम करती थी. तभी उन्हें डायरेक्टर बी.आर चोपड़ा ने फिल्म 'हमराज' का ऑफर दिया था और इस तरह से उर्मिला ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. इसके बाद वह दो अनजाने, तीसरी मंजिल, गौरी, संघर्ष और हमराज जैसी कई फिल्मों में दिखाई दीं.

फिल्मों में बेहतरीन काम करने के बाद 1986 में उन्होंने रामानंद सागर के टीवी शो रामायण के लिए कास्ट किया गया. इस शो ने पूरे भारत में लोगों के दिलों में एक अलग जगह बना दी और उर्मिला के रोल को भी लोगों ने खासा पसंद किया.

हालांकि उर्मिला की पर्सनल लाइफ को लेकर बात करें तो उनकी मौत बेहद दुखद रही थी. दरअसल, 1997 में उनके घर में उनकी लाश मिली थी. जानकारी के मुताबिक उर्मिला के परिवार के सभी लोग बाहर घूमने गए थे और उनके पति भी किसी काम से बाहर ही थे और एक्ट्रेस घर में अकेली थीं. जैसे ही सभी लोग घर वापस पहुंचे थे तो उनकी लाश मिली. जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया और पुलिस को जानकारी दी गई. पुलिस ने मामले की जांच की और घर से फिर सारा कीमती सामान चोरी होने की बात सामने आई.

वहीं, पोस्टमार्टम में भी हैरान करने वाला खुलासा हुआ. बताया गया कि उर्मिला का गला रेतकर हत्या की गई थी और मारने से पहले उनके हाथ पांव रस्सी से बांध दिए गए थे. उर्मिला की 22 फरवरी 1997 को मौत हो गई थी. रेडिफ की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया था कि उर्मिला की हत्या उस दौरान हुई थी जब उनके दामाद अगले दिन उनसे मिलने के लिए घर आए थे. जब वो घर पहुंचे देर तक किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो पड़ोसियों ने भी जानकारी दी की नौकर भी आया था जो दरवाजा बजाकर चला गया था. इसके बाद उनकी बेटी रचना को बुलाया गया और फिर जब घर का दरवाजा खुला तो सामान बिखरा था और वहां पर उर्मिला की लाश पड़ी थी.

हालांकि इस मामले ने सभी को हिलाकर रख दिया था. पुलिस ने कई महीनों तक इसकी जांच की. मामला लूटपाट और हत्या का दर्ज हुआ. लेकिन 29 साल हो चुके हैं और अभी तक हत्यारे पकड़े नहीं गए हैं.