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OTT पर मौजूद 2 घंटे 35 मिनट सबसे तगड़ी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म, IMDb पर मिली है धांसू रेटिंग
सिनेमा की दुनिया में जब भी लीक से हटकर और दिमाग चकरा देने वाली कहानियों की बात आती है, तो मलयालम फिल्मों का कोई मुकाबला नहीं है. इसी कड़ी में साल 2020 में आई एक ऐसी साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म आज भी ओटीटी पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली फिल्मों में शुमार है. आईएमडीबी (IMDb) पर कड़क रेटिंग हासिल करने वाली यह फिल्म आस्था, अंधविश्वास और कॉर्पोरेट जगत के एक ऐसे खौफनाक गठजोड़ को दिखाती है जिसे देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. 'पुष्पा' फेम फहाद फासिल के अभिनय से सजी इस फिल्म की कहानी आपको अंत तक हिलाकर रख देगी. आखिर क्या है इस फिल्म का पूरा रहस्य?
एक मोटिवेशनल स्पीकर का पादरी बनने का खौफनाक सफर
फिल्म की कहानी विजु प्रसाद (फहाद फासिल) नाम के एक आम मोटिवेशनल स्पीकर की है, जो अपनी गरीबी और छोटे भाई की आत्महत्या के गहरे सदमे से पूरी तरह टूट चुका है. अपनी किस्मत बदलने के लिए जब वह मुंबई आता है, तो कुछ बड़े और चालाक बिजनेस टायकून उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हैं. वे उसे 'जोशुआ कार्लटन' नाम के एक ऐसे नकली पादरी के रूप में लॉन्च करते हैं, जिसके पास कथित तौर पर बीमारियां ठीक करने की चमत्कारी शक्ति होती है.
धर्म और अंधविश्वास के नाम पर होने वाले धंधे का कड़वा सच
फिल्म का दूसरा हिस्सा पूरी तरह से धर्म और आस्था के नाम पर होने वाले व्यवसायीकरण पर तीखा प्रहार करता है. कहानी में बेहद बेबाकी से दिखाया गया है कि कैसे बड़े-बड़े कॉर्पोरेट घराने लोगों के अंधविश्वास को एक 'प्रोडक्ट' की तरह बाजार में बेचते हैं. स्टेज पर लाखों की भीड़ के सामने होने वाले तथाकथित 'चमत्कार' असल में पहले से लिखी गई एक स्क्रिप्ट होते हैं, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं.
बिना किसी पारंपरिक हीरोइन के फहाद फासिल की वन-मैन आर्मी परफॉर्मेंस
इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी फहाद फासिल की बेमिसाल एक्टिंग है. एक हताश इंसान से लेकर स्टेज पर दहाड़ने वाले पादरी तक के किरदार को उन्होंने इतनी शिद्दत से जिया है कि दर्शक स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाते. फिल्म में कोई पारंपरिक कमर्शियल हीरोइन या फालतू के रोमैंटिक गाने नहीं हैं, फिर भी कहानी की रफ्तार दर्शकों को एक पल के लिए भी बोर नहीं होने देती.
नाजरिया नाजिम की एंट्री से कहानी में आता है एक नया मोड़
भले ही फिल्म में कोई मुख्य कमर्शियल लव-स्टोरी न हो, लेकिन फहाद फासिल की असल जिंदगी की पत्नी और मशहूर एक्ट्रेस नाजरिया नाजिम फिल्म में एक बेहद महत्वपूर्ण और रहस्यमयी किरदार में नजर आती हैं. उनकी एंट्री के बाद फिल्म की कहानी में एक ऐसा मोड़ आता है जो जोशुआ की बनाई हुई नकली दुनिया को हिलाकर रख देता है और सस्पेंस को और गहरा कर देता है.
दिग्गज सितारों की फौज और कड़क निर्देशन का कॉकटेल
निर्देशक अनवर रशीद ने इस गहरे और संवेदनशील मुद्दे को एक बेहतरीन ग्लोबल थ्रिलर का लुक दिया है. फहाद और नाजरिया के अलावा फिल्म में मशहूर तमिल डायरेक्टर गौतम वासुदेव मेनन, विनायकन और अर्जुन अशोकन जैसे मंझे हुए कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं. अगर आप 'दृश्यम' जैसी पारंपरिक सस्पेंस फिल्मों से हटकर कुछ बेहद इंटेंस और दिमाग की बत्ती जला देने वाला कंटेंट देखना चाहते हैं, तो प्राइम वीडियो पर मौजूद यह फिल्म आपके लिए एक मस्ट-वॉच है.