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इस मुस्लिम सुपरस्टार की पाकिस्तान में एंट्री पर लगा था बैन, भारत-पाकिस्तान को लेकर कही थी ये बात
भारतीय सिनेमा की पहचान पूरी दुनियाभर में हैं. पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी भारतीय फिल्में जमकर देखी जाती हैं. एक बार हिंदी फिल्मों का ये सुपरस्टार पाकिस्तान गया और वहां उससे भारतीय मुसलमानों के बारे में पूछा गया. तब एक्टर ने कहा, 'हमारा देश भारत सेकुलर देश है. वहां मुसलमान तरक्की कर रहे हैं.’ इसी बात को लेकर एक्टर के ऊपर बैन लगा दिया गया था. चलिए इस सुपरस्टार के बारे में जानते हैं, जिसने पाकिस्तान में घुसकर करारा जवाब दिया था.
स्टाइलिश लुक से बनाई अलग पहचान
आज हम आपको हिंदी सिनेमा एक बहुत ही टैलेंटेड और स्टाइलिश स्टार के बारे में बता रहे हैं. एक्टिंग के साथ ही इस सुपरस्टार ने अपने स्टाइल से एक अलग पहचान बनाई. हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड स्टार फिरोज खान की, जिन्होंने 27 अप्रैल 2009 को दुनिया को अलविदा कहा था. बड़े पर्दे पर फिरोज खान का अलग ही जलवा था. उनके स्टाइलिश लुक ने हर किसी का दिल जीत लिया था.
बचपन से ही था एक्टिंग का शौक
फिरोज खान का जन्म 25 सितंबर 1939 को बेंगलुरु में हुआ था. उनका असली नाम जुल्फिकार अली शाह खान था. बचपन से ही फिरोज फिल्मों की दुनिया में आना चाहते थे. इसलिए शुरुआती पढ़ाई के बाद वो मुंबई आ गए और फिर शुरू हुआ इंडस्ट्री का सफर.
60 के दशक में की शुरुआत
फिरोज खान ने अपने करियर की शुरुआत 1960 में फिल्म 'दीदी' से की थी. इसके बाद काफी फिल्मों में काम किया. साल 1965 में फिल्म 'ऊंचे लोग' से उन्हें पहली बड़ी सफलता मिली. इसके बाद 'आरजू', 'सफर', 'अपराध', 'नागिन' और 'धर्मात्मा' जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया.
एक्टिंग के साथ डायरेक्शन में भी महारत
70-80 के दशक में फिरोज खान ने एक्टिंग के अलावा डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया और एक से बढ़कर एक फिल्में बनाई. उनकी बनाई फिल्म 'अपराध' को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इसके बाद 'धर्मात्मा' बनाई, जो भारतीय सिनेमा की पहली फिल्मों में से एक थी, जिसे अफगानिस्तान में शूट किया गया था.
पाकिस्तान ने लगा दिया था बैन
अपने रॉयल लुक के लिए मशहूर फिरोज खान की पर्दे पर एक अलग ही पहचान थी. उनका वेस्टर्न लुक हर किसी को आकर्षित करता था. एक बार फिरोज खान पाकिस्तान गए थे वहां उनसे भारतीय मुसलमानों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हमारा देश भारत सेकुलर देश है. वहां मुसलमान तरक्की कर रहे हैं. हमारे प्रधानमंत्री सिख हैं और राष्ट्रपति मुस्लिम हैं. पाकिस्तान को इस्लाम के नाम पर बनाया गया, पर देखो वहां मुसलमान ही मुसलमानों को काट रहे हैं.' उनके इस जवाब से पाकिस्तान सरकार नाराज हो गई और तब राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने फिरोज खान के पाकिस्तान में एंट्री पर बैन लगवा दिया था.