Veteran actor Bharat Kapoor passes away: फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आ रही है. हिंदी सिनेमा के मशहूर एक्टर भरत कपूर अब हमारे बीच नहीं रहे. 80 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया. उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच गहरा दुख पंहुचा है. हालांकि उनके निधन का सटीक कारण अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्टर का निधन वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं के कारण हुआ. उनके निधन की खबर की पुष्टि फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने की है.
दमदार आवाज और एक्टिंग से बनाई खास पहचान
हिंदी सिनेमा में एक से बढ़कर एक किरदार निभाने वाले भरत कपूर अपनी दमदार आवाज और एक्टिंग के लिए जाने जाते थे. साल 1972 में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने खुदा गवाह, नूरी, स्वर्ग, साजन चले ससुराल जैसी कई शानदार फिल्मों में काम किया. फिल्मों के अलावा भरत कपूर ने परंपरा, राहत, सांस, कैंपस, तारा जैसे कई टीवी शो में भी काम किया.
फिल्म निर्माता नीरज पाठक ने किया याद
उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए फिल्म निर्माता नीरज पाठक ने कहा, “मुझे आज भी निर्देशक के रूप में अपने शुरुआती दिनों की याद है, जब मेरे मन में एक भूमिका होती थी और मैं दिल से जानता था कि केवल भरत जी ही उसमें वो गहराई ला सकते हैं. लेकिन मैं ये भी जानता था कि मैं उन्हें अफोर्ड नहीं कर सकता. हिम्मत जुटाकर मैं उनके पास गया, लगभग अपने शब्दों का अभ्यास करते हुए. उन्होंने धैर्य से मेरी बात सुनी और फिर मुस्कुराए.
उन्होंने कहा, “पैसे का क्या है नीरज… कहानी में सच्चाई होनी चाहिए.” और उस पल, उन्होंने न सिर्फ अपनी फीस कम की, बल्कि सिनेमा के प्रति मेरा विश्वास और भी मजबूत कर दिया. उन्होंने फीस की जगह आस्था को चुना. गणित की जगह कला को. आज, जब हम उन्हें याद कर रहे हैं, मैं सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता के खोने का शोक नहीं मना रहा हूं. मैं एक ऐसे खूबसूरत इंसान को नमन करता हूं, जो सबसे अहम समय में एक युवा फिल्म निर्माता के साथ खड़े रहे. कुछ लोग फिल्में पीछे छोड़ जाते हैं… भरत कपूर जी मूल्यों को पीछे छोड़ गए.
यादों में भरत कपूर
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. कई कलाकार और प्रशंसक सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. भरत कपूर का यूं चले जाना हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है. उन्होंने हिंदी फिल्मों में अपनी जो छाप छोड़ी है, वो हमेशा याद की जाएगी. उनका काम हमेशा दर्शकों के दिल में बसा रहेगा.