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क्या है रंगा-बिल्ला कांड? जिसकी खौफनाक कहानी पर्दे पर ला रहे हैं अली फजल और सोनाली बेंद्रे
What is Ranga Billa Case: बॉलीवुड एक्टर अली फेजल और सोनाली बेंद्रे की आने वाली क्राइम थ्रिलर सीरीज 'राख' का ट्रेलर रिलीज हो गया है. सीरीज का ट्रेलर आते ही सोशल मीडिया पर छा गया, कुछ घंटों में इस दमदार ट्रेलर को यूट्यूब पर 3.50 लाख से ज्यादा व्यूज मिल गए हैं. बताया जा रहा है कि इस सीरीज की कहानी साल 1978 के रंगा-बिल्ला कांड पर आधारित है. चलिए, आपको इस खौफनाक कहानी के बारे में बताते हैं.
खौफनाक घटना की कहानी
अली फजल और सोनाली बेंद्रे की प्राइम वीडियो इस सीरीज की कहानी साल 1970 के दशक के दौरान दिल्ली में हुई एक ऐसी खौफनाक घटना पर आधारित है, जिसने पूरे शहर को झकझोर हिला दिया था. इस भयावह मामले को रंगा-बिल्ला कांड के नाम से जाना जाता है.
इस हत्याकांड ने दिल्ली को दहला दिया...
रंगा-बिल्ला कांड को ऑफिशियली गीता और संजय चोपड़ा किडनेप और मर्डर केस के नाम से जाना जाता है. रंगा-बिल्ला कांड को भारत के सबसे सनसनीखेज आपराधिक मामलों में से एक माना जाता है. इस हत्याकांड ने उस समय पूरी दिल्ली को दहला कर रख दिया था.
क्या है रंगा-बिल्ला कांड?
जानकारी के अनुसार, रंगा-बिल्ला कांड के 16 साल गीता चोपड़ा और 14 साल संजय चोपड़ा भाई-बहन थे, जो 26 अगस्त 1978 को दिल्ली के धौला कुआं में अपने घर से ऑल इंडिया रेडियो के एक बाल रेडियो कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे. लेकिन वो वहां पहुंचे नहीं.
मौत के घाट उतार...
इसके दो दिन बाद दिल्ली रिज के पास इन दोनों भाई-बहन की लाश मिली. गीता और संजय के पिता नौसेना अधिकारी थे. इसलिए जैसे ही ये खबर सामने आई, पूरे देश में आक्रोश फैल गया. पुलिस जांच के बाद पता चला कि दोनों बच्चों को कुलजीत सिंह उर्फ जसबीर सिंह उर्फ बिल्ला ने बीच रास्ते से किडनैप कर लिया और उन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया.
ऐसे हुआ इंसाफ
पुलिस जांच के अनुसार, फोरेंसिक में मिले सबूत के जरिए हत्यारों को पकड़ा गया. पुलिस ने 8 सितंबर 1978 को इन दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. आखिर में, साल 1982 में उन्हें फांसी दे दी गई.