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‘डॉन 3’ विवाद में नया ट्विस्ट! Ranveer Singh के लिए कोर्ट पहुंचा बॉलीवुड का ये दिग्गज; FWICE की बढ़ीं मुश्किलें?
Don 3 Controversy: फिल्म 'डॉन 3' (Don 3) को लेकर चल रहा विवाद अब थमने के बजाय और गहराता जा रहा है. सुपरस्टार रणवीर सिंह (Ranveer Singh) पर लगे 'बैन' के खिलाफ अब बॉलीवुड के एक दिग्गज प्रोड्यूसर ने मोर्चा खोल दिया है, जिससे एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की बड़ी संस्था FWICE की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. यह मामला अब केवल आपसी मतभेद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बॉम्बे सिविल कोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है.
टी.पी. अग्रवाल की कोर्ट में चुनौती
करीब 17 सालों तक IMPPA के प्रेसिडेंट रह चुके दिग्गज प्रोड्यूसर टी.पी. अग्रवाल ने रणवीर सिंह के समर्थन में आते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में चल रहे 'बैन कल्चर' और 'नॉन-कोऑपरेटिव' आदेशों को सीधे तौर पर चुनौती दी है.
बैन लगाने के अधिकार पर सवाल
याचिका में मुख्य तर्क यह दिया गया है कि कोई भी एसोसिएशन या ट्रेड बॉडी किसी व्यक्ति की प्रोफेशनल आजादी (Professional Independence) नहीं छीन सकती. टी.पी. अग्रवाल के अनुसार, किसी भी संस्था के पास यह पावर नहीं है कि वह इंडस्ट्री के सदस्यों को किसी खास कलाकार के साथ काम करने से मना करे.
FWICE और IMPPA को कोर्ट का नोटिस
बॉम्बे सिविल कोर्ट ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) और इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) दोनों को कानूनी नोटिस जारी किए हैं. अब इन संस्थाओं को अदालत में अपने फैसले का आधार स्पष्ट करना होगा.
विवाद की जड़ (फरहान अख्तर की शिकायत)
बताया जा रहा है कि फिल्म 'डॉन 3' के मेकर फरहान अख्तर की शिकायत के बाद FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन पर बैन लगाने की मांग की थी. हालांकि, इस बैन की वजह से फिल्म की शूटिंग और भविष्य पर भी तलवार लटक गई है.
इंडस्ट्री में 'बॉयकॉट कल्चर' का विरोध
यह याचिका केवल रणवीर सिंह के लिए नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के अधिकारों की लड़ाई मानी जा रही है. याचिका में कहा गया है कि इस तरह के निर्देश संस्थाओं के अधिकारों के दायरे से बाहर हैं और यह किसी भी कलाकार या वर्कर के करियर को नुकसान पहुंचाने का एक गलत जरिया बन रहे हैं.