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Jio Hotstar पर जमकर गर्दा उड़ा रही 2 घंटे 14 मिनट की तगड़ी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म, क्लाइमेक्स है बेहद दमदार
विजय कुमार राजेंद्रन के निर्देशन में बनी 'डी ब्लॉक' कॉलेज लाइफ पर आधारित एक ऐसी थ्रिलर है, जो हॉरर और सस्पेंस का जबरदस्त मिश्रण पेश करती है. फिल्म की कहानी एक ऐसे इंजीनियरिंग कॉलेज के इर्द-गिर्द घूमती है, जो घने जंगलों से घिरा हुआ है. वहां छात्राओं की रहस्यमयी मौतों को कॉलेज प्रशासन 'जंगली जानवरों का हमला' बताता है, लेकिन सच कुछ और ही है. फिल्म का नायक अरुल (अरुलनिथी) जब अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस गुत्थी को सुलझाने निकलता है, तो उसका सामना एक सनकी और डरावने मनोरोगी हत्यारे से होता है. फिल्म का क्लाइमेक्स और इंटरवल ब्लॉक इसके सबसे मजबूत हिस्से हैं.
सच्ची घटनाओं से प्रेरित
फिल्म के मेकर्स का दावा है कि यह कहानी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है, जो इसे और भी डरावना और दिलचस्प बनाती है. एक आम कैंपस ड्रामा को सस्पेंस थ्रिलर में बदलना दर्शकों के लिए एक नया अनुभव है.
हॉरर और सस्पेंस का मेल
हालांकि फिल्म में कोई भूत-प्रेत नहीं है, लेकिन जिस तरह से घने जंगलों और सुनसान गलियारों का इस्तेमाल किया गया है, वह किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं लगता. फिल्म के 'जंप-स्केयर' (Jump-scares) सीन दर्शकों को डराने में सफल रहे हैं.
दमदार विलेन
चरणदीप ने फिल्म में विलेन का किरदार निभाया है. उनकी डरावनी कद-काठी और अभिनय ने फिल्म के तनाव को बढ़ा दिया है. खासकर प्रिंसिपल के कमरे वाला मिरर सीन और इंटरवल ब्लॉक उनके किरदार की क्रूरता को बेहतरीन ढंग से दिखाता है.
कॉलेज लाइफ और जासूसी
फिल्म का पहला हिस्सा कॉमेडी और कॉलेज की दोस्ती को दिखाता है, जो युवाओं को जोड़ता है. लेकिन जैसे ही जासूसी शुरू होती है, फिल्म की रफ़्तार तेज हो जाती है और दर्शक किरदारों के साथ मिलकर हत्यारे की तलाश करने लगते हैं.
महिला सशक्तिकरण का संदेश
फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाया गया है कि कैसे सभी लड़कियां एकजुट होकर उस खतरनाक हत्यारे का सामना करती हैं. यह अंत न केवल सस्पेंस खत्म करता है, बल्कि एक सशक्त संदेश भी देता है.