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Saturday-Sunday खाली बैठे हैं? तो देख डालें ये 5 धांसू सस्पेंस-थ्रिलर फिल्में-सीरीज, भूल जाएंगे ऑफिस की सारी टेंशन!
वीकेंड पर अक्सर लोग ऐसी कहानियों की तलाश में रहते हैं जो न केवल उनका मनोरंजन करें, बल्कि अंत तक सस्पेंस भी बनाए रखें. नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो और जी5 पर मौजूद ये 5 चुनिंदा फिल्में और सीरीज इसी कसौटी पर खरी उतरती हैं. ये सिर्फ क्राइम या मर्डर मिस्ट्री नहीं दिखातीं, बल्कि अपराधियों और पुलिस के दिमागी द्वंद्व (साइकोलॉजिकल वॉर) को बेहद गहराई से पेश करती हैं. विक्रांत मैसी के खूंखार अंदाज से लेकर विजय सेतुपति के स्लो-बर्न सस्पेंस तक, ये शोज इस शनिवार-रविवार आपकी छुट्टी को बेहद रोमांचक बनाने के लिए तैयार हैं.
कैनेडी (Kennedy)
जी5 (ZEE5) पर उपलब्ध और दिग्गज डायरेक्टर अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक बेहद डार्क थ्रिलर है. कहानी एक ऐसे पूर्व पुलिस वाले की है, जिसे दुनिया मरा हुआ समझती है. वह अनिद्रा (Insomnia) की बीमारी से जूझ रहा है और करप्ट सिस्टम के काले कारनामों के बीच अपनी मानसिक शांति और मुक्ति की तलाश में लगा है.
दलदल (Daldal)
अमेजन प्राइम वीडियो की इस जबरदस्त सीरीज में भूमि पेडनेकर एक कड़क डीसीपी (DCP) की भूमिका में नजर आ रही हैं. वे मुंबई में एक्टिव एक खूंखार सीरियल किलर के पीछे पड़ी हैं. यह केवल एक पुलिस-विलेन की रेस नहीं है, बल्कि एक महिला अधिकारी के अपने अतीत के पुराने सदमों (ट्रॉमा) और सिस्टम की कमियों से लड़ने की एक बेहतरीन मनोवैज्ञानिक कहानी है.
मैरी क्रिसमस (Merry Christmas)
नेटफ्लिक्स पर मौजूद कैटरीना कैफ और विजय सेतुपति की यह फिल्म 'स्लो-बर्न' (धीरे-धीरे सस्पेंस खोलने वाली) थ्रिलर का सबसे शानदार उदाहरण है. क्रिसमस की एक रोमांटिक और खूबसूरत शाम कैसे अचानक मर्डर, धोखे और साज़िश के जाल में बदल जाती है, यह देखना बेहद रोमांचक है. फिल्म का क्लाइमेक्स आपको पूरी तरह हैरान कर देगा.
सेक्टर 36 (Sector 36)
नेटफ्लिक्स की यह फिल्म सच्ची और रूह कंपा देने वाली घटनाओं से प्रेरित है. इसमें विक्रांत मैसी एक बेहद शातिर सीरियल किलर के रोल में हैं, जबकि दीपक डोबरियाल ने पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया है. इन दोनों के बीच की यह चूहे-बिल्ली की दौड़ समाज की कड़वी सच्चाई और इंसानी दिमाग की क्रूरता को बेहद बेरहमी से पर्दे पर दिखाती है.
मिथ्या: द डार्कर चैप्टर (Mithya)
जी5 की इस चर्चित सीरीज में एक प्रोफेसर और उसकी चालाक छात्रा के बीच छिड़ी खतरनाक दिमागी जंग को दिखाया गया है. कॉलेज प्रोजेक्ट में साहित्यिक चोरी (Plagiarism/कॉपी करने) से शुरू हुआ एक छोटा सा विवाद कब एक-दूसरे से बदला लेने और नफरत के खूनी खेल में बदल जाता है, इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता.