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Netflix पर मौजूद 1 घंटा 50 मिनट की सबसे तगड़ी फिल्म, कहानी का क्लाइमेक्स है काफी जबरदस्त

अगर आप एक ऐसी फिल्म की तलाश में हैं जो दिल को छू ले और आपको 90 के दशक की यादों में ले जाए, तो नेटफ्लिक्स (Netflix) पर मौजूद 'दम लगा के हईशा' (Dum Laga Ke Haisha) एक बेहतरीन विकल्प है. मात्र 1 घंटा 50 मिनट की यह फिल्म सादगी और भावनाओं का एक ऐसा गुलदस्ता है, जिसे आप अपने परिवार के साथ बार-बार देख सकते हैं.

सादगी भरी और रूहानी कहानी- फिल्म की ताकत उसकी सादगी है. 90 के दशक के दौर में वीडियो कैसेट की दुकान, हरिद्वार का परिवेश और मिडिल क्लास परिवारों की रोजमर्रा की परेशानियां, सब कुछ बहुत वास्तविक लगता है.

शानदार परफॉरमेंस- भूमि पेडनेकर की यह डेब्यू फिल्म थी, जिसके लिए उन्होंने अपना वजन बढ़ाया था, जो उनके किरदार के प्रति समर्पण को दर्शाता है. आयुष्मान खुराना के साथ उनकी केमिस्ट्री बेहद फ्रेश और स्वाभाविक है. साथ ही संजय मिश्रा और शीबा चड्ढा जैसे मंझे हुए कलाकारों ने फिल्म को और मजबूती दी है.

नेशनल अवॉर्ड और बॉक्स ऑफिस सफलता- 14 करोड़ रुपये के छोटे से बजट में बनी इस फिल्म ने 30 करोड़ से अधिक की कमाई कर सबको चौंका दिया था. इसे न केवल व्यावसायिक सफलता मिली, बल्कि यह 'बेस्ट हिंदी फिल्म' का नेशनल अवॉर्ड भी जीतने में कामयाब रही.

बॉडी शेमिंग पर प्रहार- फिल्म समाज में 'बॉडी शेमिंग' जैसे संवेदनशील मुद्दे को बहुत ही सहजता से उठाती है. यह सिखाती है कि किसी का व्यक्तित्व उसके शारीरिक बनावट से कहीं बड़ा और महत्वपूर्ण होता है.

यादगार क्लाइमैक्स- फिल्म का अंत, जहां प्रेम अपनी पत्नी संध्या को पीठ पर उठाकर दौड़ लगाता है, हिंदी सिनेमा के सबसे भावनात्मक और यादगार दृश्यों में से एक है. यह दृश्य न सिर्फ प्रेम की जीत है, बल्कि रिश्तों में आए बदलाव का प्रतीक भी है.