Bobby Deol On His Film Barsaat: बॉबी देओल ने साल 1995 में राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘बरसात’ से अपने करियर की शुरुआत की थी और आज यानी 6 अक्टूबर को उन्हें इंडस्ट्री में 30 साल पूरे हो गए हैं. उन्होंने अपनी जर्नी में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन इन सब के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने महसूस किया कि लोग उन्हें विलन के किरदार में ज्यादा पसंद करते हैं. ये साल उनके लिए खास रहा क्योंकि इसी साल उन्होंने तमिल और तेलुगु फिल्मों में डेब्यू किया और साथ ही आर्यन खान की सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में भी नजर आए, जहां उनकी एक्टिंग को दर्शकों ने खूब सराहा. हाल ही में उन्होंने बातचीत के दौरान अपनी फिल्म से जुड़ा एक इंटरेस्टिंग किस्सा भी शेयर किया है.
फिल्म ‘बरसात’ को लेकर क्या बोले बॉबी देओल?
बॉबी देओल ने हाल ही में स्क्रीन के साथ हुए इंटरव्यू में अपनी जर्नी को लेकर खुलकर बात की. इस दौरान उनकी पहली फिल्म ‘बरसात’ के सेट से जुड़ी यादों के बारे में पूछा गया, जिस पर उन्होंने बताया कि इस फिल्म से कई खास यादें जुड़ी हुई हैं. उन्होंने बताया कि फिल्म का मुहूर्त शॉट उनके बर्थडे के दिन शूट किया गया था. उस वक्त वो सिर्फ 22-23 साल के थे. उस शॉट में उन्हें सीढ़ियों से नीचे उतरना था और एक खास दिशा में देखते हुए मुस्कुराना था. शुरू में फिल्म का डायरेक्शन शेखर कपूर कर रहे थे और शूटिंग 27 दिनों तक चली भी थी. लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया क्योंकि शेखर कपूर को ‘बैंडिट क्वीन’ का ऑफर मिल गया और वो उसे करना चाहते थे. वहीं दूसरी तरफ बॉबी के पिता धर्मेंद्र चाहते थे कि बॉबी की पहली फिल्म सही समय पर तैयार हो जाए इसलिए बाद में राजकुमार संतोषी ने फिल्म को डायरेक्ट किया.
कौन थीं मेकर्स की पहली पसंद?
बॉबी देओल ने बताया कि उनके फिल्म डेब्यू में पहले करिश्मा कपूर को कास्ट किया जाना था, लेकिन उस समय फिल्म की कहानी पूरी तरह तैयार नहीं थी और स्क्रिप्ट पर काम चल रहा था. वो बताते हैं कि उस दौर में एक्ट्रेस लंबे समय तक काम नहीं कर सकती थीं. करिश्मा थोड़ी इनसिक्योर हो गई थीं, लेकिन बॉबी उन्हें इसके लिए दोषी नहीं मानते. करिश्मा ने फैसला किया कि वो अपना डेब्यू फिल्म ‘प्रेम कैदी’ से करेंगी. बॉबी का मानना है कि ये किस्मत में लिखा था कि उनका और ट्विंकल का डेब्यू साथ में होना था. आगे जाकर इंडस्ट्री छोड़ना उनका फैसला था. वो हमेशा से ही निडर रही हैं. उनके अंदर एक अलग सा एटीट्यूड है जो आज भी सबको नजर आता है. अपने स्ट्रांग माइंडसेट की वजह से ही आज वो एक राइटर बनी हैं.