मनोरंजन जगत से एक बार फिर दुखद खबर सामने आई है, जहां इंडस्ट्री की एक ऐसी शख्सियत ने दुनिया को अलविदा कह दिया. जिनके जाने से हजारों जरूरतमंद बच्चों के चेहरे पर मायूसी छा गई है, जी हां हम बात कर रहे हैं, फिल्ममेकर मीरा नायर की मां और समाजसेवी प्रवीण नायर की, जिनका 94 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनके निधन से परिवार ही नहीं, समाजसेवा और फिल्म जगत में भी शोक की लहर है.
बड़ी शख्सियत थीं प्रवीण नायर
प्रवीण नायर लंबे समय तक सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहीं. उन्होंने ओडिशा में रेड क्रॉस, डीएवी पब्लिक स्कूल और डेफ एंड डंब एसोसिएशन जैसी संस्थाओं के साथ काम किया. हालांकि उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने अपनी बेटी मीरा नायर की 1988 में रिलीज हुई फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ देखी. मुंबई की सड़कों पर रहने वाले बच्चों की जिंदगी दिखाने वाली इस फिल्म ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के लिए कुछ बड़ा करने का फैसला कर लिया.
प्रवीण नायर ने हजारों लोगों की मदद की
इसी सोच के साथ उन्होंने मीरा नायर, अंजू चोपड़ा और संजय के. रॉय के साथ मिलकर ‘सलाम बालक ट्रस्ट’ की सह-स्थापना की. शुरुआत में यह ट्रस्ट केवल 25 बच्चों और तीन स्टाफ सदस्यों के साथ शुरू हुआ था, लेकिन आज यह 25 से ज्यादा शेल्टर होम चला रहा है और 80 हजार से ज्यादा बच्चों की जिंदगी संवार चुका है. यह संस्था बच्चों को रहने की जगह, एजुकेशन, हेल्थ फैसिलिटी, खाना, काउंसलिंग और बेहतर फ्यूचर का अवसर देती है.
प्रवीण नायर का ये किस्सा है खूब फेमस
प्रवीण नायर का एक दिलचस्प किस्सा भी खूब चर्चा में रहा. जब ‘सलाम बॉम्बे’ का प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ, तब रेड कार्पेट पर मौजूद फोटोग्राफरों ने उन्हें एक्ट्रेस समझ लिया था. जब उनसे फिल्म में उनके किरदार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘मैं डायरेक्टर की प्रोड्यूसर हूं.’ उनका यह मजाकिया अंदाज आज भी लोगों को याद है.
‘नानी’ नाम का रैप सॉन्ग है फेमस
प्रवीण नायर अपने पोते जोहरान ममदानी के बेहद करीब थीं. ज़ोहरान ने अपनी नानी की एनर्जी और बेबाक अंदाज से इंस्पायर होकर ‘नानी’ नाम का एक रैप सॉन्ग बनाया था, जिसे उन्होंने अपने आर्टिस्ट नेम Mr Cardamom से रिलीज किया. यह गाना सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. खास बात यह रही कि इसमें दिग्गज अभिनेत्री और सेलिब्रिटी शेफ मधुर जाफरी भी नजर आई थीं.
हमेशा अपने चाहने वालों के दिलों में रहेंगी जिंदा
बहरहाल, प्रवीण नायर जैसी शख्सियत का जाना एक युग के अंत जैसा है. समाजसेवा के प्रति उनका समर्पण और हजारों बच्चों के जीवन में लाया गया बदलाव हमेशा उन्हें चाहने वालों के दिलों में यादगार बनाए रखेगा.