बॉलीवुड में फिल्मों के टाइटल का दर्शकों पर खास असर पड़ता है. कई बार किसी फिल्म का नाम ही उसकी पहचान बन जाता है, लेकिन एक दिलचस्प बात यह भी है कि कुछ टाइटल ऐसे रहे हैं जिन्हें फैंस बदकिस्मत मानने लगे हैं. इन्हीं में से एक है ‘जीरो’ अब जब निर्देशक श्रीनारायण सिंह अपनी नई फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ लेकर आ रहे हैं, तो सोशल मीडिया पर एक बार फिर यही चर्चा शुरू हो गई है कि क्या इस फिल्म का भी वही हाल होगा जो पहले ‘जीरो’ नाम वाली फिल्मों का हुआ था, या ये उन फिल्मों से कुछ अलग कर पाएगी?
‘जीरो’
सबसे पहले बात करते हैं साल 2018 में रिलीज हुई शाहरुख खान, अनुष्का शर्मा और कैटरीना कैफ स्टारर फिल्म ‘Zero’ की… इस फिल्म को लेकर जबरदस्त बज बना था. शाहरुख ने पहली बार बौने किरदार में नजर आकर बड़ा प्रयोग किया था. फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कमाई की उम्मीद थी, लेकिन रिलीज के बाद इसे दर्शकों का वैसा प्यार नहीं मिला और फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी. इसके बाद लंबे समय तक यह चर्चा होती रही कि ‘जीरो’ शाहरुख के करियर की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों में से एक रही.
‘जीरो से रीस्टार्ट’
इसके बाद साल 2024 में आई विधु विनोद चोपड़ा के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘जीरो से रीस्टार्ट’ है, ये सुपरहिट फिल्म 12th Fail के बनने के पीछे के संघर्ष और अनुभवों पर बनी एक बिहाइंड-द-सीन डॉक्यूमेंट्री है. जो बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई और इसे फ्लॉप का सामना करना पड़ा था, हालांकि फिल्म क्रिटिक्स ने इसकी सराहना की थी.
‘ग्राउंड जीरो’
इसके बाद ‘ग्राउंड जीरो’ साल 2025 में आई थी, जिसे तेजस प्रभा विजय देवस्कर ने डायरेक्ट किया था, इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में इमरान हाशमी लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म की कहानी 2001 के संसद हमले के मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी गाजी बाबा को 2003 में मार गिराने वाले बीएसएफ ऑपरेशन पर आधारित थी, जो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी.
‘आर्यभट्ट का जीरो’
अब एक बार फिर ‘जीरो’ शब्द सुर्खियों में है. इस बार वजह है ‘आर्यभट्ट का जीरो’, जिसके ऐलान के बाद से ही लोग इसके नाम को लेकर चर्चा कर रहे हैं. हालांकि इस फिल्म का विषय पूरी तरह अलग बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि कहानी महान गणितज्ञ आर्यभट्ट और उनके सबसे बड़े योगदान ‘शून्य’ यानी जीरो पर आधारित है. ऐसे में यह फिल्म मनोरंजन के साथ इतिहास और ज्ञान का भी कॉम्बो हो सकती है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग मजाक में इसे ‘जीरो नाम का डर’ बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स का कहना है कि किसी फिल्म की सफलता या असफलता उसके नाम से नहीं, बल्कि उसकी कहानी, डायरेक्शन, अभिनय और प्रेजेंटेशन से तय होती है. फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां साधारण नाम वाली फिल्मों ने रिकॉर्ड तोड़े हैं, जबकि बड़े और अट्रैक्ट टाइटल वाली फिल्में फ्लॉप साबित हुई हैं.
कब रिलीज होगी फिल्म?
बहरहाल, कमल चंद्रा के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ में हिमांश कोहली, सोनाली सहगल, रवि किशन, दर्शन बनिक, राजेश शर्मा, गोपाल दत्त, इश्लिन प्रसाद, अलका अमीन और नीरज सूद जैसे सितारे नजर आएंगे, जिसमें एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे भी खास रोल में नजर आ रही हैं. इसका टीजर हाल ही में रिलीज किया गया था. जिसने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरी थी. अब फैंस को इसकी रिलीज का इंतजार है, जो 7 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देगी.
‘आर्यभट्ट का जीरो’ पर टिकी नजर
अब सबकी नजर 7 अगस्त पर टिकी है. जब फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ रिलीज होगी, क्या यह फिल्म ‘जीरो’ नाम से जुड़ी फ्लॉप की धारणा को तोड़ पाएगी या फिर यह संयोग एक बार फिर सच साबित होगा? इसका जवाब तो फिल्म की रिलीज के बाद ही मिलेगा. फिलहाल इतना तय है कि सिर्फ नाम नहीं, बल्कि दमदार कंटेंट ही किसी फिल्म को सुपरहिट बनाने की असली ताकत रखता है.