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जब चढ़ा Asha Bhosle का सातवें आसमान पर पारा, करना चाहती थीं 52 साल के इस सिंगर की कुटाई

भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले इन दिनों हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं. उनके जल्द ठीक होने की दुआओं के बीच एक पुराना किस्सा फिर से चर्चा में आ गया है, जिसने कभी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी.

ये मामला उस वक्त का है, जब हिमेश रेशमिया अपने गानों से बॉलीवुड में छाए हुए थे. 'आशिक बनाया आपने' और 'झलक दिखला जा' जैसे सुपरहिट गानों के चलते उनकी अलग पहचान बन चुकी थी. हालांकि, उनकी सिंगिंग स्टाइल... खासकर नाक से गाने के अंदाज़ को लेकर हमेशा बहस होती रही.

एक इंटरव्यू के दौरान हिमेश ने अपनी इस स्टाइल का बचाव करते हुए, संगीत के दिग्गज R. D. Burman का नाम ले लिया. उन्होंने कहा, कि आर.डी. बर्मन भी इसी तरह गाते थे, फिर उन्हें क्यों नहीं टोका गया. बस, यही बात आशा भोसले को नागवार गुजरी.

जब ये बयान आशा ताई तक पहुंचा, तो वो गुस्से से लाल हो गईं. आर. डी. बर्मन के प्रति अपने सम्मान और लगाव के चलते उन्होंने इस तुलना को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने सख्त लहजे में कहा था, 'अगर कोई कहता है कि R. D. Burman नाक से गाते थे, तो उसे एक जोरदार थप्पड़ पड़ना चाहिए.'

उनका ये बयान उस समय खूब सुर्खियों में रहा और देखते ही देखते वायरल हो गया. आशा भोसले का ये रिएक्शन सिर्फ गुस्से का इजहार नहीं था, बल्कि अपने समय के महान संगीतकार के सम्मान की रक्षा भी थी.

इंडस्ट्री में कई लोगों ने भी इस पर अपनी राय दी और बहस छिड़ गई, कि सिंगिंग स्टाइल को लेकर तुलना कहां तक सही है. वहीं दूसरी तरफ, हिमेश रेशमिया ने इस विवाद पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, और अपने काम पर फोकस बनाए रखा.

शुरुआती दिनों में भले ही उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. आज उनके गाने और स्टाइल दोनों का अपना एक खास फैन बेस है.

बहरहाल, सालों बाद भी ये किस्सा इसलिए याद किया जाता है, क्योंकि ये दिखाता है, कि संगीत की दुनिया में सम्मान और विरासत कितनी मायने रखती है, और जब बात दिग्गजों की हो, तो शब्दों का चयन बेहद सोच-समझकर करना चाहिए.