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कौन हैं Payal Kapadia? जो बनीं 65वें कान फिल्म फेस्टिवल ‘क्रिटिक्स वीक’ में जूरी हेड, इस फिल्म से हुई थीं फेमस
Who is Payal Kapadia: इस बार का कान्स फिल्म फेस्टिवल भारत के लिए काफी खास होने वाला है. दरअसल, भारतीय फिल्म डायरेक्टर पायल कपाडिया 65वें कान्स फिल्म फेस्टिवल 'क्रिटिक्स वीक' में जूरी हेड होंगी. चलिए आपको पायल कपाडिया के बारे में बताते हैं कि वो कौन हैं और उन्हें किस फिल्म ने पॉपुलर किया है.
पायल कपाडिया का जन्म 4 जनवरी 1986 को मुंबई में हुआ था. उनकी मां नलिनी मलानी एक चित्रकार थीं और पिता शैलेश कपाडिया एक फेमस साइकोलॉजिस्ट थे. उन्होंने आंध्र प्रदेश के एक बोर्डिंग स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की. इसके बाद मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन और सोफिया कॉलेज फॉर विमेन से मास्टर की डिग्री ली.
पायल कपाडिया ने साल 2017 में शॉर्ट फिल्म 'आफ्टरनून क्लाउड्स' से अपने डायरेक्टर के करियर की शुरुआत की थी. इस शॉर्ट फिल्म को 70वें कान फिल्म फेस्टिवल के लिए चुनी गई एकमात्र भारतीय फिल्म थी.
इसके बाद, साल 2018 में उन्होंने एक और शॉर्ट फिल्म 'एंड वॉट इज द समर सेइंग' बनाई, जो लोगों के बीच काफी पॉपुलर हुई. इसके बाद साल 2021 में उन्होंने अपनी पहली फीचर फिल्म बनाई.
पायल कपाडिया की पहली 'ए नाइट ऑफ नोइंग नथिंग' ने फिल्म फेस्टिवल में अपने नाम का डंका बजाया. इस फिल्म को 74वें कान फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट डॉक्यूमेंटरी का गोल्डन आई अवॉर्ड मिला था.
इसके बाद साल 2024 में आई पायल कपाडिया की पहली फिक्शन फीचर फिल्म 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' ने उन्हें दुनियाभर में फेमस कर दिया. उनकी इस मूवी ने 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रैंड प्रिक्स जीता. इसके अलावा इस फिल्म के लिए पायल कपाडिया को कान्स में बेस्ट डायरेक्टर के गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला था.