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KSBKBT 2 में स्मृति ईरानी का पोता बनने पर 51 साल के आकाशदीप सहगल ने तोड़ी चुप्पी, बोले – ‘सच कहूं…’
Akashdeep Saigal Breaks Silence on Trolling: टीवी के पॉपुलर सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' इन दिनो टीआरपी चार्ट के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है. इस समय शो की सबसे ज्यादा लाइमलाइट सीरियल के सबसे नए सदस्य रियांश उर्फ रे की हो रही हैं, जिसका किरदार 51 साल एक्टर आकाशदीप सहगल निभा रहे हैं. इंटरनेट पर हर कोई किरदार के हिसाब से आकाशदीप की कास्टिंग को उम्रदराज ज्यादा बता रहा हैं. अब विवाद पर खुद आकाशदीप सहगल ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.
एक्टर ने दिया मुंहतोड़ जवाब
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में वापसी के बाद से ही ट्रोलिंग का सामना कर रहे हैं. आकाशदीप सहगल ने आखिरकार इस मामले पर रिएक्ट किया है. जहां उन्होंने अपने नए किरदार रेयांश की ऑनलाइन ट्रोल कर रहे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया है.
शो में वापसी पर क्या बोले एक्टर?
आकाशदीप सहगल ने मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में शो पर अपनी वापसी पर बात करते हुए कहा, 'सच कहूं तो, मुझे एक गहरी शांति का अनुभव हुआ. मैंने इसे किसी प्रपोजल या कैलकुलेटर करियर स्ट्रेटेजी की तरह नहीं देखा. जब आप अपने पाथ पर पूरी तरह से विश्वास करते हैं, तो नियति दस्तक देती ही है.'
ज्यादा नहीं सोचते...
आकाशदीप ने आगे कहा, कोई भी एक्टर शो से बड़ा नहीं होता. शो ही असली स्टार है. मैं तो बस इस नई ऊर्जा को आगे ले जाने वाला मीडियम हूं. जब यूनिवर्स तय करता है कि किसी कहानी को फिर से शुरू करने का समय आ गया है, तो आप इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचते. आप बस आगे बढ़ते हैं और काम करते हैं.'
आकाशदीप ने तोड़ी चुप्पी
शो में वापसी के बाद ट्रोलिंग को लेकर बात करते हुए आकाशदीप सहगल ने कहा, 'सच्चाई तो सबके सामने है और कुछ लोगों की इनसिक्योरिटीज की वजह से इसे बदला नहीं जा सकता. जरा सोचिए, हम अपने सिर पर उगने वाले बालों को भी कंट्रोल नहीं कर सकते, वो तो बस उगते हैं, तो फिर इन सब चीजों से क्यों लड़ना?'
एक बाहरी शोर...
आकाशदीप सहगल ने आगे कहा, 'ऑनलाइन दिखने वाली ट्रोलिंग सिर्फ एक बाहरी शोर है. यह कुछ ऐसे लोगों का डर और इनसिक्योरिटी से पैदा हुई है जो स्क्रीन के पीछे छिपे हुए हैं. लेकिन इस तरह की खोखली नेगेटिवी कभी टिकती नहीं है. अगर एकता कपूर और मैं कुछ लोगों पर पर ध्यान देते तो जो लोग सच में इस शो को पसंद कर हैं, उनके लिए अच्छी कहानी नहीं बन पाती.'